गोरखपुर, जेएनएन। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) विनोद कुमार यादव ने कहा कि वर्ष 2022 से भारतीय रेलवे के 100 रूटों पर 150 निजी ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे बोर्ड स्तर पर जोरशोर से तैयारी चल रही है। आने वाले दिनों में आम लोगों को ट्रेनों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। रेलवे मांग के अनुसार ट्रेनें और मालगाडिय़ां चलाएगा। इसके लिए रेलवे का अमूल-चूल परिवर्तन किया जा रहा है।

यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

चेयरमैन पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल और उनकी टीम के साथ 'जीएम निरीक्षण स्पेशल ट्रेन' से वाराणसी- बलिया-छपरा रेलमार्ग का निरीक्षण करने के बाद गोरखपुर पहुंचे थे। गोरखपुर जंक्शन पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आम यात्रियों की सुविधा और बेहतरी के लिए ही निजी ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है। लेकिन आपरेशन और सेफ्टी रेलवे के हाथों में ही होगा। 

मुंबई, कोलकाता और पटना के लिए बढ़ी ट्रेनों की मांग

इधर दिल्ली से मुंबई, कोलकाता और पटना आदि के लिए ट्रेनों की मांग बढ़ गई है। लेकिन अभी नई ट्रेनों के लिए रेल लाइनों पर जगह ही नहीं है। इसके लिए हम भारतीय रेलवे स्तर पर सिर्फ मालगाडिय़ों के लिए फ्रेट कॉरिडोर तैयार कर रहे हैं। फ्रेट कॉरिडोर दिसंबर 2021 तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद सभी मालगाडिय़ां फ्रेट कॉरिडोर पर ही चलेंगी। ऐसे में यात्री ट्रेनों के लिए हमारी लाइनें खाली हो जाएंगी।

ट्रेनों को मिलेगी 160 की स्पीड

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि यात्री ट्रेनों के लिए भारतीय रेल लाइनों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। जिसपर ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।

रेलवे की बेहतरी के लिए हुआ है सेवाओं का एकीकरण

चेयरमैन ने कहा कि रेलवे की सेवाओं का एकीकरण बेहतरी के लिए हुआ है। आने वाले दिनों में अधिकारी अपने विभाग के बारे में ही नहीं बल्कि समग्र रेलवे और उसके विकास के बारे में सोचेंगे। अब सब रेलवे के अधिकारी होंगे, न कि विभिन्न (इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल, कार्मिक, वाणिज्य, लेखा आदि) विभागों के। एकीकरण से वरिष्ठता और पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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