धनंजय तिवारी, गोंडा :

बुधवार को ईमलिया गुरूदयाल के शिवनगर में हुए तीन हत्याओं की वारदात से परत दर परत परदा उठने लगा है। पहले आरोपित व युवती के बीच फोन पर शादी करने को लेकर नोकझोंक हुई। सजातीय न होने का उलाहना देकर घरवालों के इन्कार करने पर आक्रोशित प्रेमी ने अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली। सूर्य अस्त होते ही वह सीधे हथियार लेकर युवती के घर आ धमका। उसे सामने देख घरवालों के होश उड़ गए। जब तक वह संभलते आरोपित ने एक के बाद एक वारकर तीन लाशें गिरा दीं। बचाने दौड़ी युवती की छोटी बहन को भी उसने नहीं छोड़ा। उसे भी मृत समझकर वह फरार हो गया।

मूल रूप से प्रहलादगंज कर्नलगंज निवासी देवी प्रसाद गौतम रेलवे में नौकरी करते थे। करीब चार साल पूर्व वह रिटायर हो गए। नौकरी के दौरान ही नगर कोतवाली के ईमिलिया गुरुदयाल के शिवनगर में आवास बनवा लिया था। वहीं पत्नी, दो बेटियों व बेटे-बहू के साथ रहते थे। देवी प्रसाद के चार बेटियां थीं। इनमें से सबसे बड़ी इस्पा का विवाह हो चुका है। इसके बाद सपना उर्फ सिपा, वंदना उर्फ आशू व उपासना है। वंदना लखनऊ में रहकर काम कर रही है। करीब दो वर्ष पूर्व सपना उर्फ सिपा से आरोपित अशोक कुमार का संपर्क हुआ। यह संपर्क लखनऊ आते-जाते समय होना बताया जा रहा है। इसी बीच सपना के साथ अशोक कुमार के विवाह की बात चलने लगी। बताया जाता है कि इसी बीच युवती के घरवालों को अशोक कुमार की जाति का पता चला कि वह दूसरी बिरादरी का है। घरवालों ने अशोक कुमार से शादी करने से इन्कार कर दिया। अशोक कुमार शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा। हर हथकंडे अपनाने के बाद भी अशोक शादी के लिए सपना के परिवार को नहीं मना सका। इसी बीच उसकी शादी कहीं दूसरी जगह तय हो गई। इसी बात को लेकर दोनों में अनबन हो गई। उसने कई बार फोन पर धमकी दी, लेकिन परिवारजन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस को सूचना न देना हादसे का कारण बना। इस बात की पुष्टि देवी प्रसाद की बहू लक्ष्मी भी करती हैं। उसके सास-ससुर को डर था कि पुलिस में शिकायत करने पर लखनऊ में रह रही बेटी के साथ कोई हादसा हो जाएगा।

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घटना को अंजाम देने के तरीके पर उठ रहे सवाल

- शाम को साढ़े छह बजे जिस अंदाज में आरोपित घर में दाखिल होता है और करीब 20-25 मिनट घर के अंदर रहकर तांडव कर तीन लाशें बिछा देता है। साथ ही बिना पकड़-धकड़ के भाग निकलता है। इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या वह तमंचा, धारदार हथियार, पेट्रोल भरा डिब्बा व रस्सी लेकर साथ गया था ? करीब 20 से 25 मिनट तक वह घर में तांडव करता रहा और किसी को भनक भी नहीं लगी ? करीब दो सौ मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मी क्या करते रहे ? जिस रास्ते से रस्सी के सहारे आरोपित के भागने की बात कही जा रही है वह रस्सी दूसरी मंजिल से कैसे बांधी, और बिना चोट खाए कूदकर कैसे निकल गया ? क्या आरोपित पहले से रेकी कर रहा था ? इतनी बड़ी घटना को अंजाम देकर आरोपित निकल गया और किसी को भनक तक नहीं लगी ?

Edited By: Jagran