खरगूपुर (गोंडा) : बैंकों की मिलीभगत से एक व्यक्ति एक ही भूलेख पर तीन बैंकों से लाखों का ऋण प्राप्त करने में सफल रहा। दो बैंक द्वारा उसका एक-एक लाख रुपये का ऋण मोचन भी कर दिया गया। मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अग्रणी बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा है।

मामला विकास खंड रुपईडीह के ग्राम पंचायत पचरन का है। यहां के मजरा पंडितपुरवा निवासी बाबूराम ने छह महीने में तीन बैंकों से लाखों का फसली ऋण प्राप्त कर लिया। उसने मिश्रौलिया में स्थित खेत की खतौनी लगाकर पहले एसबीआइ इटियाथोक शाखा से जून 2015 में एक लाख 86 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। दो माह बाद पुन: 8 सितंबर को एसबीआइ की बिशुनापुर शाखा से दो लाख 66 हजार रुपये का फसली ऋण लिया। 30 जनवरी 2016 को उसी भूलेख पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खरगूपुर इमिलिया शाखा से भी दो लाख 20 हजार रुपये का फसली ऋण प्राप्त कर लिया। यही नहीं, एसबीआइ इटियाथोक व सर्व यूपी ग्रामीण बैंक से एक-एक लाख रुपये का ऋण मोचन भी कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव के सोहन लाल भारती ने कृषि निदेशक व जिलाधिकारी से जांच कराने की मांग की। मामला सही पाये जाने पर जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने दोषी बैंक कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अग्रणी बैंक प्रबंधक तथा जिला कृषि अधिकारी को पत्र लिखा है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के प्रबंधक रामतेज मिश्र ने बताया कि उक्त खाताधारक उनके बैंक का पुराना ग्राहक है इसलिए उसके ऋण का नवीनीकरण किया गया था, लेकिन ऋण मोचन कृषि विभाग द्वारा किया जाता है। एसबीआइ विशुनापुर शाखा के प्रबंधक राकेश कुमार ¨सह ने बताया कि उनके बैंक से कूटरचित दस्तावेज के सहारे ऋण प्राप्त कर लिया है। जिसकी वसूली के लिए कार्रवाई की जा रही है। एसबीआइ इटियाथोक शाखा के प्रबंधक का फोन स्विच ऑफ होने के कारण बात नहीं हो पाई।

Posted By: Jagran