संसू, मोतीगंज (गोंडा) : चीनी मिल बंद होने से किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। खेत में कटा हुआ गन्ना सूख रहा है। यदि गन्ना नहीं बिका तो किसानों को काफी नुकसान होगा। गन्ना नुकसान की भरपाई कैसे होगी, इसको लेकर किसान चितित हैं। गन्ना लदे वाहन लेकर किसान घर लौट रहे हैं। वहीं, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर अवध केसरी सेना के पदाधिकारी बारिश के बावजूद चीनी मिल गेट के पास टिनशेड में धरना दे रहे हैं।

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मुख्यमंत्री को भेजी गई चिट्ठी

- बकाया गन्ना मूल्य भुगतान व अन्य समस्याओं को लेकर धरना दे रहे किसानों व अवध केसरी सेना के पदाधिकारियों ने बुधवार को सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री को चिट्ठी भेजी है। अधिवक्ता रुचि मोदी, अंकित सिंह, रिकू, संजय यादव, मोनू सिंह ने भी धरने का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जबतक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हो जाता तबतक धरना जारी रहेगा। स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे, बढ़ी परेशानी

- कुन्दुरखी चीनी मिल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्रवण कुमार पांडेय ने बताया कि धरना प्रदर्शन से मिल बंद है। इससे मिल के साथ ही किसानों का भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर गन्ना लदे हुए वाहन खड़े हैं। गन्ना सूखने से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। मिल के कर्मचारियों को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं मिल पा रही हैं। अगर इसी तरह से हम लोगों को बाहर नहीं जाने दिया गया तो आने वाले दिनों में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

Edited By: Jagran