गोंडा : हरसाल खर्च 350 करोड़, कमाई जीरो। यह आंकड़े देवीपाटन मंडल की ग्राम पंचायतों के हैं। विकास के साथ ही परिसंपत्तियों का सृजन करके आय बढ़ाने की उम्मीदें सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गयीं। खर्च के आंकड़े सिर्फ एक साल के हैं, जिसमें चतुर्थ राज्य वित्त व चौदहवें वित्त आयोग की धनराशि शामिल है।

सरकार गांवों में विकास कार्य कराने के साथ ही सरकारी परिसंपत्तियों का सृजन करने के लिए हरसाल बजट ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराती है। पंचायतीराज विभाग चतुर्थ राज्य वित्त व चौदहवें वित्त आयोग की संस्तुति पर बजट आवंटित करता है। देवीपाटन मंडल में 3309 ग्राम पंचायतें हैं। चतुर्थ राज्य वित्त के तहत करीब सौ करोड़ व चौंदहवें वित्त आयोग से करीब ढाई सौ करोड़ करोड़ रुपये हर साल दिए जाते हैं। गांव में सड़क, बिजली, स्वच्छता आदि कार्यों पर धनराशि खर्च करने के साथ ही परिसंपत्तियों का सृजन करके स्वयं की कमाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा लेखा परीक्षा की आडिट में हुआ है।

टैक्स से भी कर सकती हैं कमाई

-ग्राम पंचायतें टैक्स लगाकर भी कमाई कर सकती हैं। जलकर, गृहकर, पथकर के साथ ही जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर नकल आदि निर्गत करने भी शुल्क निर्धारित करके पंचायत के खाते में जमा किया जा सकता है।

देवीपाटन मंडल में ब्लॉकवार ग्राम पंचायत

जिला ब्लॉक ग्राम पंचायत

गोंडा 16 1054

बहराइच 14 1054

बलरामपुर 09 801

श्रावस्ती 05 400

इनसेट

देवीपाटन मंडल में किसी भी ग्राम पंचायत ने स्वयं के संसाधनों से आय का सृजन नहीं किया है। आडिट रिपोर्ट में भी कमाई जीरो है। सूचना अधिकारियों को दी गई है।

-एके ¨सह, उप निदेशक पंचायत देवीपाटन मंडल।

Posted By: Jagran

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