संसू, गोंडा: दोपहर करीब 12.12 बजे का वक्त था। दीवानी चौराहे पर मार्ग जाम था। वकील अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच कोतवाल से हुई कहासुनी के बाद माहौल एकाएक गर्म हो गया। इससे खाकी सहमी नजर आई। वकीलों के जुलूस के समीप खड़े जवानों को पुलिस अधिकारी कुछ दूर जाने की बात कह रहे थे। यही नहीं, नगर कोतवाल भी सांई मंदिर के मोड़ पर चले गए। मार्ग जाम समाप्त होने के बाद मौके पर पहुंचे एएसपी शिवराज व सीओ लक्ष्मीकांत ने स्थिति की जानकारी ली।

दरअसल, मार्ग जाम के दौरान हर ओर वाहनों की कतार लगी हुई थी। हर कोई जाम में फंसा हुआ था। ऐसे में एक पुलिस कर्मी ने पुलिस लाइंस से अंबेडकर चौराहे की ओर जाने के लिए आगे बढ़ा, बस इसी बात को लेकर बखेड़ा हो गया।

हैरानी की बात यह है कि जहां पर विवाद हुआ, वहां से महज दो सौ मीटर की दूरी पर पुलिस अधीक्षक का दफ्तर है। इतनी दूरी तय करके मौके पर अफसर तब पहुंचे, जब सब कुछ सामान्य हो चुका था। वकील कचेहरी में वापस जा चुके थे। पुलिस कर्मी इधर-उधर खड़े थे। फिलहाल, अफसरों ने पुलिस कर्मियों के साथ अंबेडकर चौराहे तक पैदल मार्च किया।

इंटरनेट मीडिया पर छाया वीडियो

-मार्ग जाम के दौरान कोतवाल से हुए विवाद का 36 सेकंड का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर छाया हुआ है। हर कोई अपने तरीके से इस पर टिप्पणी कर रहा है। फिलहाल, पुलिस अफसरों का दावा है कि विवाद करने वाले कुछ ही लोग थे, वरिष्ठ वकील उनको समझा बुझा रहे थे। वह उनकी बात भी नहीं मान रहे थे। इनसेट क्या है मामला

- शासन ने मनकापुर तहसील में ग्राम न्यायालय की स्थापना की है। वहां पर न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है। अधिवक्ता इस व्यवस्था को नियमों के विपरीत बताते हुए आंदोलन कर रहे हैं। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री अनुज प्रकाश का कहना है कि मनकापुर में ग्राम न्यायालय की स्थापना नियमों के विपरीत है। -बार एसोसिएशन मनकापुर अध्यक्ष गोमती प्रसाद पाठक का कहना है कि ग्राम न्यायालय की स्थापना वादकारियों के हित में हैं। महामंत्री केदारनाथ मिश्र का कहना है कि ग्राम न्यायालय की स्थापना से वादकारियों को त्वरित न्याय मिलेगा। साथ ही मुख्यालय की दूरी तय करने से निजात मिल गई है।

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