गोंडा : गुरुवार की सुबह से लेकर शाम तक, रुक रुककर बारिश का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तापमान में थोड़ा इजाफा हुआ है लेकिन, जगह-जगह जलभराव व कीचड़ होने से आवागमन में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश में लोग भीगते हुए आवागमन करते नजर आए। रोडवेज परिसर, विकास भवन सहित अन्य स्थानों पर जलभराव की समस्या है। डीएम डॉ. नितिन बंसल ने 17 जनवरी को कक्षा आठ तक सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं। इनसेट

शीतलहर के मौसम में क्या करें

- स्थानीय रेडियो से मौसम की जानकारी लेते रहें। जलावन की लकड़ियां और पर्याप्त गरम कपड़ों के साथ आपात कालीन किट तैयार रखें। घर के अंदर सुरक्षित रहें। शीतदंश के लक्षणों को पहचानें व ऐसी स्थिति में शीघ्र अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। कोयले की अंगीठी या केरोसिन का चूल्हा, हीटर आदि का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। कमरे को हवादार रखें, जिससे जहरीले धुएं से कोई नुकसान न हो। विषम परिस्थितियों या अत्यधिक सर्दी के समय के लिए ईंधन बचाकर रखें। शरीर को सूखा रखें, कपड़ा गीला होने पर तुरंत बदल दें। घर में अलाव के साधन न हों तो अत्यधिक ठंड के दिनों में सामुदायिक केंद्र या रैन बसेरे में जाएं। शासन ने दिया अतिरिक्त बजट

-शीतलहरी व ठंड से बचाव को लेकर गुरुवार को शासन ने प्रत्येक जिले को 12 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया है। इसमें कंबल वितरण के लिए 10 लाख व अलाव के लिए दो लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। जिले में 11 बसेरे बनवाए हैं। वहीं, 206 स्थानों पर अलाव के इंतजाम करने के साथ ही 7892 लोगों को निश्शुल्क कंबल का वितरण किया गया है। आपात कालीन सेवाओं के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोलरूम स्थापित किया गया है। फोन नंबर 05262-230125 पर सूचनाएं दी जा सकती हैं।

Posted By: Jagran

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