गोंडा: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में वर्ष 2007 से 2010 के बीच हुई दवाओं की खरीद में अनियमितता की चल रही सीबीआइ जांच के बीच अब वित्तीय सत्र 2017-18 में भी हुई दवा खरीद की जांच शुरू हो गयी है। शासन ने देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में एनएचएम के तहत हुई दवाओं की खरीद के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच सतर्कता अधिष्ठान फैजाबाद को सौंपी गयी है।

वर्ष 2017 में गोंडा में दवाओं व उपकरणों की खरीद को लेकर हंगामा हुआ था। बिना किसी आदेश के कई सीएचसी पर उपकरणों की आपूर्ति कर दी गयी थी। जिसके बाद तत्कालीन सीएमओ ने अपने सूक्ष्म हस्ताक्षर से जारी किए गए सभी क्रयादेश को निरस्त कर दिया था। प्रशासन ने इस मामले के जांच के आदेश दिए थे लेकिन, यह जांच पूरी नहीं हो सकी। हालांकि इसी बीच शासन को देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले में दवा खरीद में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई, जिस पर मामले की जांच फैजाबाद सतर्कता अधिष्ठान को दिया गया है। उप्र सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक ने चारों जिलों के सीएमओ को पत्र लिखकर माह अप्रैल 2017 से माह मार्च 2018 के मध्य हुई खरीद के अभिलेख तलब किए हैं।

इन ¨बदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट

- संबंधित वित्तीय वर्ष में एनएचआरएम के तहत क्रय की गई दवाओं का नाम, अभिलेख, रजिस्टर के साथ ही इस अवधि में तैनात अधिकारियों की तैनाती का विवरण मांगा है। साथ ही अधिकारियों की वर्तमान नियुक्ति व उनका मोबाइल नंबर मांगा गया है।

जिला अस्पताल की भी चल रही जांच

- जिला अस्पताल में एक करोड़ रुपये से अधूरे अस्पताल के लिए खरीदे गए उपकरण की जांच निदेशक स्वास्थ्य कर रहे हैं। इनके पास इस अवधि में जिला पुरुष व महिला अस्पताल में दवाओं की खरीद में अनियमितता की भी जांच है।

जिम्मेदार के बोल

- दवाओं की खरीद संबंधी जांच चल रही है। अधिकारियों को अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग किया जा रहा है।

- डॉ. एसके श्रीवास्तव, सीएमओ गोंडा।

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