21.47 करोड़ के बैंक घोटाले की एसआईटी को सौंपी जा सकती है जांच, ऑडिट रिपोर्ट में हुआ था राजफाश
गोंडा के यूपी कोआपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच अब एसआइटी को सौंपी जा सकती है।

HighLights
गोंडा बैंक घोटाले की जांच एसआइटी को सौंपी जाएगी।
21.47 करोड़ रुपये का घोटाला यूपी कोआपरेटिव बैंक में।
छह आरोपित गिरफ्तार, नौ अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर।
जागरण संवाददाता, गोंडा। यूपी कोआपरेटिव बैंक बड़गांव शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच अब एसआइटी से कराई जा सकती है। नगर कोतवाली पुलिस ने जनवरी में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधकों समेत 16 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।
इस मामले में अबतक छह आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। एक की मौत हो चुकी है जबकि, नाै आरोपित अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। अब घोटाले की पूरी जांच एसआइटी से कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कोआपरेटिव बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक/मुख्य प्रबंधक भुवन चंद सती ने दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट ने आडिट के दौरान अनियमितता पकड़ी थी। दो जनवरी 26 को आख्या दी।
तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल निवासी अयोध्या के नाका जनौरा कृष्णानगर कालोनी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय कुमार निवासी 21/248 पंचवटी नरही लखनऊ व तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार गौतम निवासी 538/892 निराला नगर लखनऊ ने ऋण वितरण में अनियमितता की।
सगे संबंधियों के खाते में धनराशि भेजकर निकलवा ली। यही नहीं, ऋण वितरण से पूर्व आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन भी शाखा स्तर पर नहीं किया गया। बैंक के पांच आंतरिक खातों से अनधिकृत रूप से डेबिट करके विभिन्न खातों में 46.13 लाख की धनराशि कर गबन किया गया।
इसके अलावा शाखा के 205 खाताधारकों के ऋण व बचत खातों से 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार की धनराशि निकाली गई है। बहलोलपुर निवासी शिवेंद्र दुबे ने बैंक से नौ लाख रुपये का ऋण लिया और किस्त जमा करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि उनके खाते से 31 लाख का ऋण लिया गया है।
कौड़िया के चैनापुर निवासी रूकमनी सिंह ने भी गबन किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने कहा कि बैंक घोटाले के प्रकरण की जांच की जा रही है।
