गोंडा में पिता की चिता ठंडी होने से पहले बेटे की सड़क हादसे में मौत, परिवार में पसरा मातम
गोंडा के परसागोंडरी गांव में एक दर्दनाक घटना हुई है, जहाँ पिता की सड़क दुर्घटना में मौत के तीन दिन ...और पढ़ें
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HighLights
पिता की सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत।
तीन दिन बाद बेटे की भी सड़क हादसे में मृत्यु।
पूरे गोंडा क्षेत्र में गहरा शोक और मातम।
संवाद सूत्र, हलधरमऊ (गोंडा)। परसागोंडरी गांव में पिता के चिता की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि नौजवान बेटे की भी सड़क दुर्घटना में बीती रात मौत हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। कर्नलगंज के परसागोंडरी गांव के मजरे छोटीपुरवा निवासी हृदयनरायन दुबे की तीन दिन पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी उसके तीसरे दिन ही उनके नौजवान बेटे राम जी दुबे की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है।
हृदयनरायन दुबे बुधवार को घर से गोंडा लखनऊ मार्ग पर परसागोंड़री साइकिल से जा रहे थे की पीछे से आ रहे डीसीएम ने ठोकर मार दी थी और गुरुवार को इलाज के दौरान लखनऊ में उनकी मौत हो गई थी। पिता की मौत से परिवार,सगे संबंधी सदमे से उबरे नहीं थे कि तीसरे ही दिन उनके बेटे की मौत हो गई जिससे पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है और हर व्यक्ति स्तब्ध है।
बाइक की टक्कर से हुई थी पिता की मौत
मृतक रामजी दुबे के छोटे भाई श्यामनारायन दुबे ने बताया कि बड़े भाई रामजी दुबे शुक्रवार की रात को घर से बाहर सड़क किनारे बाथरूम के लिए निकले थे कि पीछे से आ रही बाइक ने जोरदार टक्कर मारा कि वह उछलकर दूर गिरे और नाक, मुंह से खून बहने लगा।
बेहोशी की हालत में बालपुर प्रसाद चिकित्सालय लाया गया जहां से उन्हें गोंडा के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन जिला अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया।श्यामनारायन ने बालपुर पुलिस चौकी पर बाइक सवार के खिलाफ तहरीर देख दी है। चौकी प्रभारी विवेककुमार मौर्य ने बताया कि तहरीर मिली है,कार्यवाही कीजा रही है।
पिता पुत्र थे चालक दोनों की मौत सड़क दुर्घटना
छोटीपुरवा के हृदयनारायन दुबे लोक निर्माण विभाग में चालक थे तो वहीं इनका बेटा रामजी दुबे भी लखनऊ में प्रदेश स्तरीय किसान यूनियन की गाड़ी चला रहे थे दोनों लोग चालक थे और दोनों लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाना एक संयोग कहा जा रहा है इससे पूरा इलाका दुखी व स्तब्ध है।
रामजी पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे अभी शादी नहीं हुई थी लेकिन बात चल रही थी कि उससे पहले ही वह चल बसे। छोटे भाई श्यामनरायन रोते हुए कहते हैं कि हमारे कर्म खराब हैं भाई और पिता मिलकर पूरे घर का देखरेख करते थे इन्हीं दोनों लोगों से परिवार चलता था अब देखिए की पिता की चिता ठंडी नहीं हुई थी की भाई की चिता जल उठी हैअब हमारा परिवार किसके सहारे चलेगा।
संवेदनाओं का तांता
एक ही घर से तीन दिनों में दो चेताएं जलने से लोग स्तब्ध हैं।पूर्व विधायक बैजनाथ दुबे,पूर्व गन्ना चेयरमैन लल्लू तिवारी, पूर्व जिपसदस्य राजू ओझा, अश्वनी तिवारी, वेदप्रकाश ओझा प्रधान, विनय ओझा पूर्व प्रधान, रज्जन सिंह,कफील खां,मुस्तकीम खां सहित कई लोगों ने शोक जाहिर कर परिवार को ढांढस बंधाया
