संसू, गोंडा: बिना लाइसेंस के उर्वरक बेचने के मामले में दुकान सील कर दी गई है। डीएम के आदेश पर दुकानदार के खिलाफ कर्नलगंज में मुकदमा कराया गया है। उर्वरक का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

किसानों को गुणवत्तापूर्ण उवर्रक समय से उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग प्रयास कर रहा है। बिना लाइसेंस के खाद व बीज न बेचने की हिदायत के बावजूद मनमानी जा रही है। ऐसे में कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव ने बिना लाइसेंस के उर्वरक बेचने की सूचना मिलने पर सोमवार को कर्नलगंज में छापा मारा था। 

मौर्यनगर में एक दुकान बिना लाइसेंस के संचालित पाई गई। यहां छापेमारी में 20 बोरी डीएपी व यूरिया बरामद की गई। उर्वरक की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने दुकान सील कर दी है। मामले में कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी। 

डीएम डा. उज्ज्वल कुमार ने संबंधित दुकानदार के खिलाफ मुकदमा कराने के आदेश दिए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने पांडेयचौरा गांव के निवासी दुकानदार बच्चाराम शुक्ल के खिलाफ एफआइआर कराई है। उन्होंने बताया कि उर्वरक के गुणवत्ता की जांच के लिए नमूना प्रयोगशाला में भेजा गया है। 

उर्वरक दुकानों की निगरानी के निर्देश

जिला कृषि अधिकारी ने ब्लाकवार तैनात सहायक विकास अधिकारी कृषि को क्षेत्र में उर्वरक दुकानों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित क्षेत्र भ्रमण करके दुकानों के लाइसेंस की जानकारी ली जाय। यदि निरीक्षण में गड़बड़ी मिले तो तत्काल सूचना दें। 

दुकानदारों को ई-पास (प्वाइंट आफ सेल) मशीन से ही उर्वरक का वितरण करने का निर्देश दिया गया है। उर्वरक वितरण के बाद किसानों को रसीद देने के भी निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं भी अधिक मूल्य लेने या उर्वरक डंप करने की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Edited By: Shivam Yadav

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