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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandra Grahan: सूतक काल में पंचक का इन तीन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव, बढ़ेंगी मुश्किलें?

Published: Sun, 07 Sep 2025 04:37 PM (IST)

Gonda News | UP News | गोंडा में चंद्र ग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहे और दोपहर से ...और पढ़ें

चंद्रग्रहण पर बंद रहे मंदिर के द्वार, श्रद्धालुओं ने किया भजन-कीर्तन।
चंद्रग्रहण पर बंद रहे मंदिर के द्वार, श्रद्धालुओं ने किया भजन-कीर्तन।

HighLights

  1. गोंडा चंद्र ग्रहण के चलते मंदिर बंद |
  2. भक्तों ने घरों में की भजन-कीर्तन |
  3. पंचक का तीन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव |

जागरण संवाददाता, गोंडा। रविवार की शाम 9.58 बजे बजे से रात्रि 1.26 बजे तक चंद्र ग्रहण लगा रहा। इसके नौ घंटे पहले लगा सूतक काल दोपहर 12.57 बजे से ही शुरू हो गया।

इस दौरान सभी मंदिरों के द्वार दोपहर बाद से ही बंद कर दिए गए,जो अगले दिन सोमवार की सुबह खुलेंगे। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर परिसर व अपने घर में बैठकर भर्जन-कीर्तन करते रहे।

शहर के दुखहरणनाथ मंदिर, नवीन हनुमानगढ़ी व मालवीयनगर स्थित पुरानी हनुमानगढ़ी, खैरा भवानी मंदिर,श्याम मंदिर समेत जिले के सभी मंदिरों के द्वार नौ घंटे पहले लगवाने सूतक काल के चलते दोपहर 12.57 बजे से बंद कर दिए।

सूतक व चंद्र ग्रहण से बचने के लिए तमाम लोगों ने श्याम मंदिर परिसर में ही बैठकर भगवान की आराधना की। भजन-कीर्तन के बीच रात 9.58 बजे से चंद ग्रहण शुरू हो गया,जिसका समापन 3 घंटे 29 मिनट के बाद सोमवार की रात 1.26 बजे पर होगा।

चंद्र ग्रहण में भोजन समेत अन्य कई कार्य निषिद्ध होने के कारण कुछ लोगों ने इसके समाप्त होने के बाद रात मेें ही स्नान कर भोजन ग्रहण किया। श्याम मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ,जहां सुरेश भाव सिंघका समेत अन्य श्रद्धालुओं ने हरि कीर्तन किया।

तमाम श्रद्धालु घरो में भी भजन-कीर्तन करते रहे। पुरानी हनुमानगढ़ी के पुजारी पं.सच्चिदानंद मिश्र ने बताया कि साेमवार की सुबह मंदिर का पट खोलकर हनुमानजी प्रतिमा को स्नान कराया जाएगा,जिसके बाद धूप-दीप कर उनकी आरती की जाएगी और फिर प्रसाद वितरित कर पूजन व दर्शन की शुरूआत होगी।

तीन राशियों के जातकों की परेशानी बढ़ाएगा पंचक

आचार्य पं.ज्ञानदेव धर वेदांती ने बताया कि चंद्रग्रहण से एक दिन पहले शनिवार की सुबह 11.21 बजे से मृत्यु पंचक (पचखा) भी शुरू हो गया है,जो चार दिन यानी दस सितंबर की शाम 04.03 बजे तक रहेगा।

मृत्यु पंचक में चारपाई-बिस्तर व लकड़ी आदि खरीदने,यात्रा,छत निर्माण समेत नवीन कार्य से बचना चाहिए। यह कुंभ,तुला,सिंह राशियों के जातक के लिए नकारात्मक प्रभाव डालेगा, जो उनकी परेशानी बढ़ा सकता है।