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युद्ध में फंसे अपनों के लिए परिजन परेशान, सलामती के लिए कर रहे दुआ, कमाई-पढ़ाई के लिए गए थे खाड़ी देश

Published: Sun, 01 Mar 2026 06:21 PM (IST)

गोंडा के हजारों परिवार ईरान, इजरायल और दुबई में फंसे अपने परिजनों को लेकर चिंतित हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता ...और पढ़ें

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जागरण टीम, गोंडा। ईरान, अमेरिका व इजरायल के बीच युद्ध में जिले के हजारों लोग इन देशों में फंस गए हैं। कमाई व पढ़ाई के लिए ईरान समेत अन्य खाड़ी देशों में फंसे अपनों की सलामती के लिए लोग चिंतित हैं। स्वजन अपनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। कुछ लोगों की बात परिवार से हो रही है जबकि कई लोगों को संपर्क टूट गया है।

ऐसे में उनके परिवार के लोग अधिक परेशान हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामनेई की मौत के बाद शिया समुदाय में गम व गुस्सा है। नगर में ही करीब 80 शिया समुदाय के लोग रहते हैं। रविवार को शिया इमामबाढ़ा में शोक मनाया गया। दुआएं की गई।

पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। क्षेत्राधिकारी आनंद राय व प्रभारी निरीक्षक विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी की अगुवाई में पुलिस कर्मियों ने नगर के अलग-अलग मुहल्ले में पैदल गश्त किया। लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।

नगर कोतवाली के शास्त्रीनगर मुहल्ला निवासी शबाहत हुसैन ने बताया कि उनके छोटे भाई फसाहत, उनकी पत्नी एनुल हुदा काजमी, भतीजे इंशिया जैनब, ताहिरा जैनब, बहन मेराज फातिमा, बहन के बेटे रजा हसन व मुहम्मद हुसैन तेहरान से 125 किलोमीटर दूर खुमा में रहते हैं। कुछ समय पूर्व बहनोई मो. हसन घर आ गए हैं। बताया कि फोन पर बात हुई है। ईरान में लोग सड़कों पर हैं। ये सभी लोग सुरक्षित हैं। इंटरनेट बंद होने से वीडियो काल पर बात नहीं हो पा रही है। फोन पर बात होती है। सभी सुरक्षित हैं, लेकिन बमबारी से तनाव है।

नवाबगंज : लिदेहना ग्रंट के मजरे कलोनी पुरवा गांव निवासी राम सुरेश निषाद करीब चौदह माह पूर्व इजरायल पीओपी का काम करने गए थे। उनके पिता नंदलाल ने बताया कि वीडियो काल के माध्यम से प्रतिदिन सुबह-शाम बातचीत हो रही है।

युद्ध की वजह से काम की छुट्टी कर दी गई है। पत्नी मीना देवी और मां फूला देवी वीडियो काल के जरिए फोन पर बातचीत करती दिखीं। राम सुरेश निषाद ने बताया कि उनके आवास से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर लगातार ईरान की तरफ से बमबारी की जा रही है। उनको सुरक्षित स्थान पर भूमिगत आवास में सुरक्षित किया गया है।

छपिया : सैजलपुर गांव निवासी राम सुभावन वर्मा ने बताया कि उनका छोटा भाई दिनेश वर्मा मार्च 2025 में रोजगार के सिलसिले में दुबई गया था। दिनेश की घर वापसी के लिए टिकट भी बुक हो चुका था और दुबई समय के अनुसार रात करीब 1:55 बजे फ्लाइट थी। परिवार के लोग घर पर उसकी वापसी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन शाम करीब छह बजे मेल के जरिए फ्लाइट रद होने की सूचना मिली।

फोन पर बातचीत में दिनेश ने दुबई के हालात को भयावह बताया। जहां वह रह रहा है, वहां से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर लगातार बमबारी और मिसाइल हमलों की आवाजें आ रही हैं। सायरन लगातार बज रहे हैं, जिससे पूरी रात डर के साए में गुजर रही है। दिनेश के अनुसार वह जिस बिल्डिंग में रह रहा है, वहां 150 से अधिक भारतीय नागरिक मौजूद हैं।

सभी लोग अलग-अलग कमरों में हैं, लेकिन सभी एक ही इमारत में ठहरे हुए हैं। राम सुभावन ने कहा कि जैसे ही फ्लाइट रद होने और दुबई के हालात की जानकारी मिली, घर में मायूसी छा गई।

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शिया मुहर्रम कमेटी इमाम बारगाहे हुसैनिया के अध्यक्ष डा. सैय्यद आजम हुसैन आब्दी ने कहा कि आयतुल्लाह खामनेई की मौत को लेकर तीन दिन का शोक है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी त्रिपाठी ने कहा कि शांति व्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील की है।