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गोंडा में अर्नब चक्रवात का कहर: पेड़ के नीचे दबकर दो दोस्तों की मौत, दंपती समेत चार घायल

Published: Sat, 26 Sep 2026 04:50 PM (IST)

गोंडा में अर्नब चक्रवात और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें पेड़ गिरने से दो दोस्तों की मौत ...और पढ़ें

हाईवे समेत अन्य स्थानों पर 5500 पेड़ गिरे।

हाईवे समेत अन्य स्थानों पर 5500 पेड़ गिरे।

HighLights

  1. तेज हवा और बारिश से पेड़ गिरने से दो दोस्तों की मौत।

  2. एक मकान पर पेड़ गिरने से दंपती समेत चार लोग घायल।

  3. जिले में 5500 पेड़ गिरे, फसलों को भारी नुकसान का अनुमान।

जागरण टीम, गोंडा। तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान पेड़ गिरने से दो दोस्तों की मौत हो गई। वहीं, मकान पर पेड़ गिरने से दंपती समेत चार लोग घायल हो गए। रेहराबाजार के सकरढ़िया बड़हरा भिठौरा निवासी इमरान अपने दोस्त खालिद के साथ बाबागंज से सामान खरीदकर वापस अपने घर जा रहे थे।

शुक्लागंज रेहराबाजार मार्ग पर राजापुर मुरव्वनगांव के पास सड़क पर टूटकर गिरा बिजली का तार बाइक में फंस गया। तार निकालते समय तेज हवा चलने के कारण आम का पेड़ गिर गया, जिसके नीचे दबकर दोनों युवकों की मौत हो गई।

वहीं, खरगूपुर के पिपराभोधर में मकान पर पीपल का पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर दीनदयाल गोस्वामी, उनकी पत्नी सुषमा, बेटी शुभी व बेटा देवांश घायल हो गए। हाईवे, मकान, दुकान व अन्य मार्गों पर करीब 5500 पेड़ गिर गए, जिससे दिनभर आवागमन प्रभावित रहा।

जिले में एक लाख हेक्टेयर में लगी धान, मक्का, गन्ना व सब्जी की फसलों को नुकसान होने का अनुमान है। जिले में 24 घंटे के भीतर 72 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम 30 सितंबर तक खराब रहने की आशंका है।

  • 5500 पेड़ गिरने का अनुमान
  • 900 बिजली के खंभे गिरे
  • 200 छप्पर क्षतिग्रस्त
  • 60 पक्के मकान को हुआ नुकसान
  • 30 हजार हेक्टेयर धान की फसल को नुकसान
  • 40 हजार हेक्टेयर में गन्ने को नुकसान का अनुमान
  • 10 हजार हेक्टेयर में मक्का की फसल को नुकसान
  • 20 हजार हेक्टेयर में सब्जी की फसल को नुकसान

टोल फ्री नंबर पर किसान दर्ज कराएं शिकायत

बारिश व तेज हवा के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे फसल सड़ने की आशंका है। गन्ना, मक्का व सब्जी की भी फसल को भी नुकसान हुआ है। इससे बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।

किसान राकेश, सतीश, राम जियावन का कहना है कि चक्रवात के कारण फसलें बर्बाद हो गई हैं। पूंजी डूब गई है। जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि नुकसान की जानकारी मांगी गई है। फसल बीमा कराने वाले किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज कराएं।

जलनिकासी व्यवस्था चौपट

शहर के पटेलनगर, आवास विकास कालोनी, मेडिकल कालेज से संबद्ध बाबू ईश्वर चिकित्सालय, छेदीपुरवा, कलेकट्रेट परिसर, मकार्थीगंज में जलजमाव है। ग्रामीण क्षेत्र में भी जलनिकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

एडवायजरी जारी

आवश्यकता होने पर ही घर से निकलें, कार, बस या बंद वाहन में यात्रा कर रहें तो सुरक्षित स्थान देखकर रुक जाए। टिन की छतों, होर्डिंग, क्षतिग्रस्त मकान, जर्जर पेड़, मोबाइल टावर, बिजली के खंभे, हाईटेंशन लाइन से दूर रहें, टूटी बिजली लाइनों, क्षतिग्रस्त सड़क व टूटे पेड़ से सावधान रहें।

पशुओं व फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें, पेड़ के नीचे न रुकें, किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के फोन नंबर 05262- 230125, 358560 पर काल करें। तालाब, नदियों व जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं। टार्च, बैट्री व आवश्यक दवाइयां अपने पास रखें।

तेज हवा व बारिश के कारण हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। शहर में निरीक्षण करके स्थिति का जायजा लिया गया है। जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है। -प्रमोद झा, अपर जिलाधिकारी।

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