विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोंडा में बैंक में धोखाधड़ी, पूर्व शाखा प्रबंधक की पत्नी-पुत्र समेत आठ आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश

Published: Thu, 20 Aug 2026 04:02 PM (GMT+05:30)

गोंडा में उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक और उनके स्वजनों सहित आठ आरोपितों की लगभग 21 ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. पूर्व शाखा प्रबंधक पर 21 करोड़ के अनियमित ऋण का आरोप।

  2. न्यायालय ने आठ आरोपितों की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया।

  3. 5.94 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की जाएगी।

जागरण संवाददाता, गोंडा। उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड की शाखा गोंडा में वर्ष 2021 में तैनात रहे शाखा प्रबंधक ने स्वजन व अन्य की मिलीभगत से करीब 21 करोड़ रुपयों के अनियमित ऋण भुगतान के मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपितों की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय अजय कुमार मिश्र ने मुहल्ला कृष्णानगर जानौरा कोतवाली व जिला अयोध्या निवासी तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल, उनके पुत्र जय प्रताप सिंह व राज प्रताप सिंह, पत्नी संजना सिंह, ग्राम दौलतपुरवा खोरहंसा कोतवाली देहात निवासी फूल मोहम्मद, ग्राम बहलोलपुर कोतवाली नगर निवासी राघव राम, ग्राम इमलिया गुरुदयाल कोतवाली नगर निवासी शिवाकांत वर्मा व गीता देवी की करीब पांच करोड़ 94 लाख 43 हजार रुपये की अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।

बैंक के अधिवक्ता अजेय विक्रम सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 के शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक की इम्पैनल्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट टीम की स्पेशल आडिट के दौरान अनियमित ऋण भुगतान का मामला प्रकाश में आया था।

ऑडिट रिपोर्ट के आधार जानकारी हुई थी कि वर्ष 2021 में शाखा प्रबंधक रहे पवन कुमार पाल की तैनाती के दौरान बैंक में ऋण स्वीकृति व वितरण बैंक की नीतियों, भारतीय रिजर्व बैंक/नाबार्ड द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए अनियमित तरीके से किया गया था। जिसमें बिना अभिलेखों के व आवश्यक अर्हताओं की पूर्ति के बगैर करीब 21 करोड़ रुपये के ऋण का भुगतान कर लेनदेन किया गया था।

मामले में एक अघोषित सिंडिकेट के लिप्त होने की जानकारी हुई थी, जिसमें शाखा प्रबंधक स्वयं, स्वजन व अन्य के साथ मिलकर अनियमित ऋण भुगतान में लिप्त मिले थे। मामला जानकारी में आने के बाद नए तैनात हुए शाखा प्रबंधक भुवनचंद्र सती ने कोतवाली नगर में तत्कालीन शाखा प्रबंधक व उनके स्वजन समेत 16 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा कराया था।