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गोंडा में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ाई की पहली सीढ़ी और होगी मजबूत, पढ़ाने का बदलेगा अंदाज

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:27 PM (IST)

गोंडा के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी बच्चों की पढ़ाई अब खेल और गतिविधियों पर आधारित होगी, जिससे वे आनंदपूर्वक सीख सकें।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

HighLights

  1. बच्चों को खेल और गतिविधियों से सिखाया जाएगा।

  2. ईसीसी एजुकेटर और नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. प्री-प्राइमरी बच्चों की सीखने की नींव मजबूत होगी।

संवाद सूत्र, गोंडा। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नौनिहालों की पढ़ाई अब सिर्फ किताब और अक्षरों तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चों को खेल, गतिविधियों और रोचक तौर-तरीकों के जरिए सीखने का अवसर मिलेगा।

इसके लिए ईसीसी एजूकेटर (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) और नोडल शिक्षक संकुल को जल्द ही विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इनका दायित्व बच्चों को उनकी उम्र और सीखने की क्षमता के अनुरूप सहज वातावरण में पढ़ाने का होगा।

प्री-प्राइमरी स्तर पर बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को अक्षर ज्ञान, पहचान और शुरुआती भाषा कौशल गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जाएगा। इसके लिए खेल, कहानी, चित्र, गीत और अन्य बाल केंद्रित गतिविधियों को शिक्षण का माध्यम बनाया जाएगा।

मंशा है कि बच्चा पढ़ाई को बोझ न समझे, बल्कि उसे सीखने में आनंद आए। प्रशिक्षण में ईसीसी एजूकेटर और नोडल शिक्षक संकुल को बच्चों के साथ संवाद, गतिविधि आधारित शिक्षण और सीखने के स्तर के अनुसार शिक्षण की तकनीक से परिचित कराया जाएगा। साथ ही बच्चों की रुचि बनाए रखने और उनकी प्रगति को समझने के तरीकों पर भी जोर रहेगा।

विभाग की मंशा है कि प्री-प्राइमरी से निकलकर जब बच्चे कक्षा एक में प्रवेश करें तो उन्हें अक्षरों और शुरुआती पढ़ाई से अपरिचित होने की परेशानी न हो। शुरुआती वर्षों में मजबूत शैक्षिक आधार मिलने से बच्चों में पढ़ने-लिखने के प्रति आत्मविश्वास भी विकसित होगा। इस पहल से आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई की पहली सीढ़ी को और मजबूत करने की तैयारी है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि जल्द ही सभी ईसीसी एजूकेटरों नोडल शिक्षक संकुल को जल्द ही विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बच्चों की नींव मजबूत होगी और उनका पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ेगा।