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गोंडा : अलग-अलग स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में दस लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नगर कोतवाली के परसनपुरवा आइटीआइ निवासी धनीराम (40) बाइक से अपने जीजा के घर जानकी नगर गया था। रास्ते में बाइक सवार ने टक्कर मार दी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोतवाली देहात के खहरिया गांव निवासी बलजीत (40) पत्नी राम सुमरिन बाइक से गंगापुर स्थित ससुराल जा रहे थे। मनकापुर बस स्टॉप के पास सामने से पिकप ने ठोकर मार दी। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सुमिरन की हालत गंभीर बनी हुई है। कौड़िया थाना क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी अयोध्या प्रसाद (40) को बाइक सवार ने ठोकर मार दी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शिवदयालगंज: सलमान मोहम्मद उर्फ लजीज निवासी बेनीगंज कोतवाली अयोध्या व सचिन निवासी अमानीगंज अयोध्या बाइक से नवाबगंज जा रहे थे। दुल्लापुर रेलवे क्रासिग के पास चौपहिया वाहन ने ठोकर मार दी। जिसमें सलमान की मौत हो गई। सचिन घायल हो गया।

इनसेट

चल रहा इलाज

- नगर कोतवाली के असरनिया गांव निवासी अलखराम, राजेश यादव व अनिल कुमार बाइक से भेलसर की तरफ जा रहे थे। कटहाघाट मोड़ के पहले दूसरी बाइक से टकराकर तीनों घायल हो गए। परसपुर थाना के चरसड़ी निवासी जितेंद्र प्रताप सिंह व विशाल सिंह शाहपुर धनावा के पास एक अन्य बाइक से टकरा गए। जिसमें दोनों घायल हो गए। कोतवाली देहात के महादेवा गांव के निवासी विशाल वर्मा व गोली बाइक से धानेपुर जा रहे थे। सोनवरसा गांव के पास बाइक की टक्कर से दोनों घायल हो गए। कटरा बाजार के बमडेरा निवासी राम नरेश अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गए। इटियाथोक के कौंगवा गांव निवासी सूरज बाइक की टक्कर से घायल हो गए। किसी का मिटा सिदूर तो किसी से छिना बाप का साया

संसू, कर्नलगंज (गोंडा) : घाघरा घाट के समीप हुए मार्ग दुर्घटना में कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अल्लीपुर गोकुला भवानीगंज निवासी माधवराज (24), सुंदरपता (60), रामपियारी (58) व हरेंद कुमार (26) निवासी ग्राम मलौली की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।

मृतक हरेंद्र कुमार की पत्नी केवलपती का रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रही थी कि उन्हें पता होता कि वह लौट कर नहीं आएंगे तो वह उन्हें नैमिषारण्य जाने ही नहीं देती। अब छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश वह कैसे करेगी। वहीं गांव की महिलाएं उसे शांत कराने का प्रयास कर रही थी। मगर उसके आंखों से आंसू बंद होने का नाम नहीं ले रहे थे। अपनी मां को रोता देखकर पुत्री गीता, रोशनी व पुत्र शिवांश भी रो रहे थे।

माधवराज की पत्नी बिट्टी अपने सात वर्षीय पुत्र अमित व पांच वर्षीय सुमित के साथ फूट-फूट कर रो रही थी। वह कह रही थी कि अब वह किसके सहारे जीवन गुजारेंगी। बच्चों का पालन पोषण व पढ़ाई लिखाई कैसे होगी। सुंदरपता के पुत्र व घायल वाहन चालक सुनील के भाई राजू व सुरेश की आंखों के आंसू सूख चुके थे। एक तरफ मां की मौत तो दूसरी तरफ मौत से जूझ रहे भाई के इलाज की भी जिम्मेदारी को लेकर वह सोच में डूबे थे। यही हाल राम पियारी के घर का भी था। पुत्र रामबिहारी, बाबू व पुत्तू के साथ पूरे परिवार के लोग रो रहे थे। घायल गंगाबक्श सिंह, साधना सिंह, नरेश व रामसमुझ के घर सन्नाटा पसरा था।

Posted By: Jagran

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