गोंडा : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए फा¨गग कराई जाएगी। इसके लिए गांववार रोस्टर बनाकर अभियान चलेगा। डीएम ने दो तहसीलों में अफसरों को फॉ¨गग कराने के निर्देश दिए हैं।

जिले की कर्नलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र के गांवों में हरसाल बाढ़ तबाही मचाती है। काफी समय तक जलजमाव होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का अंदेशा बढ़ जाता है। इस बार भी दोनों तहसीलों के 300 से अधिक मजरे से बाढ़ प्रभावित हुए हैं। धीरे-धीरे बाढ़ का पानी कम होने लगा है, ऐसे में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण समिति संचालित है। स्वास्थ्य विभाग ग्राम प्रधान व एएनएम के संयुक्त खाते में हरसाल दस हजार रुपये की धनराशि अनटाइड फंड के रूप में उपलब्ध कराता है। आवंटित धनराशि से फा¨गग के साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा सकता है। डीएम कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने कर्नलगंज व तरबगंज तहसील क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित गांवों में बीमारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य व पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को रोस्टर बनाकर गांव में फा¨गग कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नुकसान का होगा सर्वे

-बाढ़ में नष्ट हुई फसलों के साथ ही मकान, सरकारी संपत्ति व झुग्गी-झोपड़ियों का भी सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए रोस्टरवार राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। नुकसान की रिपोर्ट जल्द मांगी गई है, जिससे सूचना शासन को भेजी जा सकी। गांव में आवश्यकता खत्म होने पर नाव हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अन्य राहत पहुंचाने को कहा गया है।

डीएम ने ली जानकारी

-कर्नलगंज के पाल्हापुर बाढ़ चौकी पर डीएम कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने गत दिवस अफसरों के साथ ही ग्रामीणों के साथ बैठक करके स्थितियों की जानकारी ली। सभी को सर्वे कार्य में सहयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा पीड़ितों को राहत सामग्री आवश्यकतानुसार देने का निर्देश दिया गया।

Posted By: Jagran