गोंडा, जेएनएन। जनता ने भले ही अपना नुमाइंदा चुना हो लेकिन, यहां आरक्षित वर्ग की सीटों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह दूसरा व्यक्ति खड़ाऊंराज चला रहा है। इसका राजफाश डीएम डॉ. नितिन बंसल द्वारा बुलाई गई बैठक में हुआ। आरोपित कथित प्रतिनिधि के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने व प्रधान के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

स्वच्छता अभियान की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधान व सचिवों की बैठक मंगलवार को सुबह 11 बजे बुलाई गई थी। ग्राम पंचायत के खाते में 50 लाख रुपये से अधिक बजट डंप होने के कारण मुजेहना ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनकसिया शिवरतन ङ्क्षसह के प्रधान व सचिव को भी बैठक में बुलाया गया था। समीक्षा के दौरान गांव के प्रधान को पुकराने पर पंकज ङ्क्षसह खड़े हो गए, डीएम ने जानकारी की तो पता चला कि वह निर्वाचित प्रधान नहीं हैं। अफसरों ने बताया कि गांव में आरक्षित वर्ग से सुषमा प्रधान हैं, जबकि कामकाज यही देखते हैं। प्रधान की जगह दूसरे व्यक्ति के प्रधानी करने को लेकर डीएम ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का आदेश डीपीआरओ को दिया है। डीएम ने कहाकि पंचायतों में खड़ाऊंराज नहीं चलेगा, निर्वाचित प्रतिनिधि ही अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। बैठक में प्रतिभाग करने पहुंचे कई कथित प्रतिनिधियों को सभागार से बाहर कर दिया गया।

Posted By: Anurag Gupta

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