गोंडा : गांवों में विकास कार्य कराने के साथ ही पंचायतों को सशक्त बनाइए। इसके लिए पंचायतों को खुद की कमाई का संसाधन तैयार करना होगा। ये सुझाव शुक्रवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वेबिनार के जरिए पंचायत प्रतिनिधियों को दिए। उन्होंने वर्ष 2020 में केंद्रीय सरकार से पुरस्कार पाने वाले प्रतिनिधियों से संवाद किया। गोरखपुर में पुरस्कार पाने वाले प्रधान विवेक शाही ने अपनी सफलता के विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अब प्रधानों को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। पंचायतों के खुद की इतनी कमाई होनी चाहिए कि वह सरकारी बजट का इंतजार किये बिना जरूरी कार्य करा सकें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पंचायत प्रतिनिधियों ने अहम भूमिका निभाई है। इसके लिए सभी प्रधान, ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण घर लौटे प्रवासियों व मजदूरों को मनरेगा व अन्य योजनाओं के तहत रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के अलावा पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इससे रोजगार के साथ ही विकास कार्य को भी गति मिली है। उन्होंने हाल ही में शुरू की गई स्वामित्व योजना, 2021 में पुरस्कार के लिए आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर ग्राम संकल्प उदय अभियान पत्रिका का विमोचन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा 31 अगस्त के बाद स्कूल खुलने के आसार हैं, ऐसे में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए सुनिश्चित कराने में सहयोग करें।

ये रहे संवाद के मुख्य बिदु

-पुरस्कृत पंचायत प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन

-कोरोना काल में रोजगार सृजन

-स्वामित्व योजना पर चर्चा

-स्कूल खुलने पर बच्चों की उपस्थिति

-2021 में पंचायत पुरस्कार की तैयारी

-ग्राम उदय संकल्प अभियान केंद्र सरकार की पुरस्कार योजना

- पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार योजना, नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार योजना, ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार व बाल मैत्री ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना।

Posted By: Jagran

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस