गोंडा : बेसिक शिक्षा विभाग ने अन्नकूट कार्यक्रम शुरू किया है। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों को होमवर्क में चित्रकला व मॉडल मेकिग की जिम्मेदारी दी जाएगी। उनको आसपास आसानी से उपलब्ध सामग्री के उपयोग को लेकर प्रोत्साहित किया जाएगा। सप्ताह में दो दिन दस मिनट पोषण संबंधी विषय पर चर्चा की जाएगी। वहीं, अन्य दिवसों में छात्रों को महापुरुषों, ऐतिहासिक स्थलों, भारत की प्राचीन संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व सामान्य ज्ञान से संबंधित जानकारियां दी जाएंगी। प्रार्थना सभा के दौरान किसी एक विषय के शीर्षक पर वाद-विवाद व समूह चर्चा भी होगी।

परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छह से 14 वर्ष के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ पोषण की जरूरत होती है। इसीलिए उनके समग्र विकास के लिए अन्नकूट योजना शुरू की गई है। शिक्षक छात्रों को पाठ्यक्रम पढ़ाने के साथ ही सप्ताह में दो दिन भोज्य पदार्थाें जैसे हरी/मौसमी सब्जी, अनाज, दाल व गुड आदि के विषय में बताएंगे। उनके फायदे गिनाएंगे। यहीं नहीं, छात्रों को स्वेच्छा से कोई एक खाद्य पदार्थ स्कूल लाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। रुचि देखकर उन्हीं पदार्थाें को मिड डे मील में शामिल किया जाएगा। खाने के अलावा बच्चों की सामुदायिक सहभागिता भी सुनिश्चित कराई जाएगी। वाद-विवाद व समूह चर्चा भी होगी। खास बात यह है कि इसमें अलग से किसी प्रकार की धनराशि खर्च नहीं करना है। बोले जिम्मेदार

- बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि स्कूलों में अन्नकूट योजना के तहत विभिन्न कार्यक्रम कराए जाएंगे। इसको लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को कार्यक्रम कराने को कहा गया है।

Posted By: Jagran

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