गोंडा: इलाहाबाद बैंक के करेंसी चेस्ट में 94 हजार 200 रुपये के जाली नोट मिले थे। मामला कई साल पहले पकड़ में आने के बाद भी बैंक अधिकारी चुप्पी साधे रहे। अब जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की टीम ने निरीक्षण के दौरान नाराजगी जताई तब कार्रवाई की याद आई है। शुक्रवार को जाली नोट के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए बैंक प्रबंधक ने एसपी से मुलाकात की। एसपी ने एफआइआर के आदेश दिए हैं।

इलाहाबाद बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक एवं मुद्राकोष प्रभारी राजाराम मौर्य ने एसपी को पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि पांच अगस्त 2005 को ऑडिट के दौरान 100 रुपये के 72 नोट व 500 रुपये के 29 नोट जाली मिले थे। इसी तरह 25 नवंबर 2016 से 28 दिसंबर 2016 के बीच भी 500 रुपये के 71 व एक हजार रुपये की धनराशि के 37 नोट नकली मिले थे। उसी वक्त टीम के अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन, अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। गत नवंबर 2019 में एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की टीम यहां पर निरीक्षण करने के लिए आई। टीम ने बाद में भेजी अपनी रिपोर्ट में इस मामले में एफआइआर दर्ज कराने को कहा। इसके बाद शुक्रवार को बैंक प्रबंधक ने एसपी से मुलाकात की है।

एसपी आरके नैय्यर ने बताया कि वर्ष 2005 व 2016 का मामला है। प्रबंधक ने उन्हें स्थितियों से अवगत कराया है। नगर पुलिस को इस बारे में कार्रवाई के लिए कहा गया है।

Posted By: Jagran

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