गोंडा: सरकारी अस्पतालों पर शिकंजा कसने के बाद अब निजी नर्सिंग होम भी जांच के दायरे में आ गए हैं। अस्पताली कचरे के निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आठ नर्सिंग होमों पर छापेमारी की है। वहां पर अस्पताली कचरे के निदान व अन्य प्रबंधों के बारे में जानकारी की गई है। कुछ जगह कमियां मिली हैं, लेकिन टीम अभी जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रही है।

शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अब निजी अस्पतालों की छानबीन शुरू कर दी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. देवराज ने शहर के सतीश चंद्र पांडेय मेमोरियल हास्पिटल, आशा देव नर्सिंग होम, गोंडा मेडिकल सेंटर, आशीर्वाद नर्सिंग होम, आरएन पांडेय नर्सिंग होम सहित आठ अस्पतालों पर छापेमारी की है। टीम ने इस दौरान यह देखा कि यहां पर अस्पताल से निकलने वाले कचरे के निस्तारण का प्रबंध क्या है। इसके निस्तारण व उठान की क्या व्यवस्था है। नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। वार्डों में बायो मेडिकल के रखने का सही इंतजाम है या नहीं। अस्पताल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है या नहीं। इन तमाम बिदुओं पर टीम ने जानकारी जुटाई है। बताया जाता है कि कुछ अस्पतालों में कमियां भी मिली हैं। उनके मुताबिक अभी कुछ और की जांच होनी है, इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इधर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मलिक आलमगीर ने पैथोलॉजी सेंटरों की जांच पड़ताल की है।

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