नंदलाल तिवारी, गोंडा: गोरखपुर में बीते साल ऑक्सीजन की कमी से नवजातों की मौत से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब संजीदा हो गया है। महिला अस्पताल में सिक न्यू बार्न केयर यूनिट में भर्ती होने वाले नवजातों व प्रसूताओं को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऐसे में अब उन्हें सुविधा देने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। जिसके तहत महिला अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेट प्लांट बनाया जा रहा है। इससे हर मरीज के बेड को सेंट्रल पाइप लाइन से जोड़ा जा रहा है। जिससे मरीजों की जिदगी को बचाया जा सकेगा।

जिला महिला अस्पताल में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन सिलिडर की खपत है। दरअसल, यहां पर नवजात शिशुओं के सेहत की देखरेख के लिए न्यू सिक बॉर्न केयर यूनिट संचालित है। इस यूनिट में दस बेड है। यहां पर ऐसे बच्चों को भर्ती किया जाता है, जिन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। ऐसे में इन बच्चों को हर वक्त ऑक्सीजन की जरूरत होती है। साथ ही गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के दौरान भी कुछ महिलाओं को ऑक्सीजन देनी पड़ती है। आंकड़ों की मानें तो करीब 15 सिलिडर की प्रतिदिन आवश्यकता होती है। अभी तक यहां पर बाराबंकी से सिलिडर की आपूर्ति की जाती है। जिससे मरीजों को इसका लाभ दिया जाता है। यह देखते हुए कई बार यहां पर ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की बात आई थी लेकिन अब इस पर काम शुरू हो गया है।

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क्या है नई सुविधा

ऑक्सीजन जनरेट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे ऑक्सीजन को बनाई जाएगी। बाद में इसे बड़े टैंक में एकत्र किया जाएगा। इसके बाद इसे सेंट्रल पाइप लाइन के माध्यम से मरीजों के बेड तक पहुंचाया जाएगा। यह व्यवस्था सुचारु होने के बाद से अब यहां पर सिलिडर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।

पहले चरण में इस सिस्टम से एसएनसीयू के अतिरिक्त प्रसव कक्ष व हर वार्ड के दस-दस बेड को जोड़ा जा रहा है। इसके लिए पाइप लाइन का विस्तार किया जा रहा है। आवश्यकता के हिसाब से इसका उपयोग किया जाएगा।

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जिम्मेदार के बोल

इस नई व्यवस्था से मरीजों को काफी हद तक बेहतर सुविधा मिलेगी। ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों पर रोक लग सकेगी। इससे काफी सहूलियतें मिलेंगी। अभी पाइप लाइन वार्डों तक पहुंचाई जा रही है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

डॉ. एपी मिश्र, सीएमएस महिला अस्पताल

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