गोंडा: मौसम का मिजाज बदल रहा है। कभी धूप हो रही है तो कभी तेज बादल। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इन सबके बीच हल्की बूंदाबांदी किसानों के लिए चिता का विषय बनी हुई है।

दूसरे दिन भी मौसम बदला-बदला रहा। सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे। ठंडी-ठंडी हवाएं चलती रही। गोंडा नगर के साथ ही कर्नलगंज, उमरी, तरबगंज, कटरा बाजार व बेलसर में बूंदाबांदी हुई। बभनजोत व आर्यनगर में भी बूंदाबांदी हुई है। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। दरअसल, इन दिनों खेती किसानी का समय है। खेतों में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। उसकी कटाई व मढ़ाई चल रही है। ऐसे में मौसम का बदलाव से किसान परेशान है। राम कुमार, गुड्डू, शीतला प्रसाद का कहना था कि अगर तेज बारिश हो जाएगी तो गेहूं की फसल का नुकसान हो जाएगा। फिलहाल, बूंदाबांदी के बाद धूप निकल आई। मौसम में बदलाव के कारण बीमारियों के भी पांव पसारने का खतरा बढ़ गया है। ईएमओ डॉ. टीपी जायसवाल का कहना है कि यह मौसम सेहत के लिए सबसे नुकसान दायक रहता है। इसमें थोड़ी भी चूक सेहत को प्रभावित कर सकती है।

Posted By: Jagran

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