गोंडा : दोपहर 11,30 बजे। कर्नलगंज बाजार स्थित एक चाय-नाश्ते की दुकान पर चुनावी चर्चाएं हो रही थीं। राष्ट्रवाद, बेसहारा पशुओं से परेशानी, आतंकवाद सहित अन्य मुद्दों पर लोग खुलकर बात रख रहे थे। ग्राम तिलका निवासी गोपाल जी ने राष्ट्रवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भैया हम तौ एक बात जानित है कि देश सुरक्षित रही तबै हम लोग सुरक्षित रहब। रोजै सुनत रहेन आतंकवादी देश मा घुसि आए। एकै बार मा दुश्मन कै छक्का छूटिगा। इनकी बात काटते हुए सरैया निवासी राजेंद्र प्रसाद सवाल दाग देते हैं, जब कुछ पैदय न होई तव जिदा कैसे रहा जाइ? छुट्टा पशु कुछ खेते मा रहै नाइ देत हैं। सालन नगिचाय गा गोशाला बनत, ई मुद्दा एकौ नेता नाय उठावत हैं। बीच में टोकते हुए पारा निवासी हृदयनरायन मिश्र बोल पड़े कि बेसहारा पशुओं को किसने छोड़ा? फिर भी सरकार गोशाला बनवाकर इस समस्या से निजात दिलाने की प्रयास कर रही है। साथ ही उपज का उचित मूल्य देते हुए दो से तीन रुपये प्रति किलो गेहूं-चावल भी दे रही है। चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए नहवा परसौरा निवासी अरविद कुमार शुक्ल कहते हैं कि गन्ना मूल्य में एक पैसे की वृद्धि सरकार द्वारा नहीं की गई है। चीनी मिलें समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर रही हैं जबकि सभी उर्वरक दुगने मूल्य पर बिक रहे हैं। गेहूं व धान की बिक्री करने के लिए किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाते रहते हैं। फिर भी उनकी फसल नहीं बिकती, उन्हें औने-पौने दाम पर बाजार में बेचना पड़ता है। बसालतपुर निवासी राकेश तिवारी सरकार के पक्षकार के रूप में दावा पेश करते हैं। कहते हैं कि काफी सुधार किया है। देश के विकास को रोकने के लिए गठबंधन किया गया है, जिसे लोग पूरी तरह से समझ चुके हैं। देश को सम्मान दिलाने वाले को लोग चोर कह रहे हैं। उन्हें अपनी कमी नहीं दिखाई दे रही है। सोनवार निवासी महेशदत्त मिश्र ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुई कहा कि भैया किसान का डीजल, पेट्रोल व गैस कै जरूरत है, वहकै कीमत बढ़तै रहत है। बाबादीन मिश्र बोले कि राष्ट्रहित को देखते हुए देश की बागडोर योग्य व्यक्ति के हाथ में ही देना उचित है।

Posted By: Jagran

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