गोंडा: ब्लॉक में 61 प्रधान, प्रतिभागी आए सिर्फ 40। इसमें भी 50 फीसदी प्रधानों के प्रतिनिधि। अगर यही हालात रहे तो प्रधान अपने अधिकार कैसे जान पाएंगे। यदि प्रशिक्षण को लेकर प्रधानों में दिलचस्पी नहीं है तो फिर प्रशिक्षण का क्या मतलब। फिलहाल, पंचायतीराज विभाग प्रशिक्षण के नाम पर रस्म अदायगी करके सरकारी बजट को खपाने में जुट गया है। निर्वाचित प्रधानों को उनके दायित्वों का बोध कराने के साथ ही अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पंचायतीराज विभाग चार दिवसीय प्रशिक्षण करा रहा है। कर्नलगंज तहसील के चार ब्लॉकों में बुधवार को प्रशिक्षण का दूसरा दिन था। दैनिक जागरण ने हलधरमऊ ब्लॉक में चल रहे प्रशिक्षण की हकीकत जानने के लिए जायजा लिया। यहां पंजिका में तो 61 प्रधानों के नाम दर्ज थे, लेकिन उपस्थिति महज 40 की थी। लोगों से बातचीत में पता चला किया 40 प्रतिभागियों से 20 प्रधानों के प्रतिनिधि हैं। हैरत तो इस बात की है कि एक भी महिला प्रधान प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद नहीं थी। पांच घंटे तक चले प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों ने उपस्थिति लोगों को जानकारियां दी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने प्रतिभागियों को योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को लंच में महज चार पूड़ी-सब्जी के साथ ही एक लड्डू दिया गया। प्रभारी एडीओ पंचायत पुष्पराज ने बताया कि सभी प्रधानों को सूचना दी गई थी, लेकिन कम प्रतिभागी आए थे।