गोंडा : मैगी व यप्पी नूडल्स के नमूने एक बार फिर कसौटी में फेल हो गए हैं। मई व जून माह में लिए गए नमूनों में आधा दर्जन नमूने अधोमानक पाए गए हैं। प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित कंपनियों को नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय ने बताया कि मई में टीम ने शहर की लक्ष्मी एजेंसी व अविनाश कुमार की एजेंसी से नेस्ले कंपनी की मैगी के दो नमूने लिए गए। इसके साथ ही कर्नलगंज, मनकापुर व नवाबगंज से एक-एक मैगी का नमूना लिया गया। इसके बाद जून में लखनऊ रोड स्थित एक दुकान से यप्पी नूडल्स का नमूना लिया गया था। इन आधा दर्जन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था।

सोमवार की शाम को प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आई, जिसमें सभी नमूनों को अधोमानक घोषित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक नमूनों की जांच रिपोर्ट में ऐस (भस्म) की मात्रा अधिक पाई गई। नियमानुसार नूडल्स में ऐस की मात्रा एक प्रतिशत से कम होनी चाहिए, जबकि यह इसमें अधिक पाई गई है।

होता है नुकसानदेह

-जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आशुतोष गुप्त ने बताया कि भस्म की एक निश्चित मात्रा मान्य है। अधिक होने पर इससे शरीर को कई स्तर से नुकसान होता है। किडनी व ब्रेन के प्रभावित होने के साथ ही पेट में तकलीफ होती है।

जारी की जा रही नोटिस

-मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस मामले में संबंधित कंपनी व एजेंसी संचालक को नोटिस भेजी जा रही है। इस नोटिस के आधार पर तीस दिनों के भीतर उन्हें जवाब देना है। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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