गोंडा : गांव में विकास के लिए आवंटित सरकारी धन के बंदरबांट का मामला सामने आया है। तरबगंज विधायक ने गांव में विकास कार्य के नाम पर धांधली का आरोप लगाते हुए डीएम से जांच की मांग की है। डीएम ने मामले की जांच के लिए एसडीएम की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। पखवारेभर में जांच करके रिपोर्ट मांगी गई है।

मामला तरबगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत सेझिया का है। विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने 12 जनवरी को डीएम को लिखे गए पत्र में कहा है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की हकीकत जानने के लिए गांव में चौपाल लगाई गई थी। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार गांव में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2018-19 के बीच में चतुर्थ राज्य वित्त, चौदहवें वित्त आयोग व मनरेगा से काफी धन खर्च किया गया है। गांव में खर्च के हिसाब से विकास कार्य नहीं पाए गए। हैंडपंप री-बोर व मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। तालाब में पानी भरवाने, प्रशासनिक मद में भी बजट का दुरुपयोग किया गया। सरकारी संस्थाओं को छोड़कर निजी फर्म से महंगे रेट पर सोलर व स्ट्रीट लाइट की खरीदारी की गई है। बेघर जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में लाभार्थियों से अवैध वसूली की बात भी प्रधान ने स्वीकार करते हुए वापस करने का आश्वासन दिया था। गत तीन वर्षों में ग्राम पंचायत ने करीब 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। विधायक ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रधान विश्वनाथ ¨सह ने आरोपों को निराधार बताया है।

Posted By: Jagran

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