जागरण संवाददाता, लौवाडीह (गाजीपुर) : क्षेत्र के नागेश्वर धाम ऊंचाडीह पर चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन पर गुरुवार को सुबह से ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूरदराज से आए साधुओं और निराश्रितों को कंबल वितरित किया गया। दोपहर में रामलीला और रात में रासलीला का मंचन देख श्रद्धालु भारविभोर हो गए।

यज्ञाचार्य त्रिदंडी स्वामीजी महाराज ने कहा कि यज्ञ से समस्त पापों का नाश होता है। देवताओं को आहुति दी जाती है, इससे उनकी शक्ति में वृद्धि होती है। यज्ञ से आसुरी शक्तियों का विनाश होता है और चारों तरफ पुण्यात्मा का वास होता है। यज्ञ के मंत्रोचार की ध्वनि और आहुति की सुगंध जहां तक पहुंचती है वहां का वातावरण पवित्र हो जाता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ, सत्संग और संत वचन का हमेशा आदर करना चाहिए। इससे परिवार में सुंस्कार का आगमन होता है और प्रवृत्ति सात्विक होती है। कृष्णानंद राय, रजनीश राय, रामबचन राय, छोटू राय, भदेश्वर राय, शशिकांत राय, विजय बहादुर राय, अभय लाल, हरेंद्र, ऋषिकेश राय, सुमंत पांडेय, सूर्यकुमार पांडेय, दूधनाथ यादव आदि थे।

---- श्रीमदभागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह शुरू

खानपुर (गाजीपुर): क्षेत्र के कुसही में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ गुरुवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। महिलाएं यात्रा में कलश लेकर जयकारे लगाते चल रही थीं। आचार्य लालजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा से ही जीव का कल्याण है। जहां भागवत कथा का गुणगान होता है वहां प्रभु खुद दर्शन देते हैं। श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व कल्याण के लिए जो संदेश दिया है उसकी आज समाज को जरूरत है। श्रीमद्भागवत गीता से हम समाज में फैली हुई कुरीतियों से हमेशा दूर रह सकते हैं। युवा पीढ़ी को श्रीमद्भागवत कथा के साथ जोड़ना चाहिए तभी सांस्कारिक मजबूत समाज की स्थापना होगी।

Edited By: Jagran