जागरण संवाददाता, लौवाडीह (गाजीपुर) : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ विकास खंड भांवरकोल के अधिकांश गांवों में सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नहीं मिल पाएगा। इससे शेरपुर, कुंडेसर, मच्छटी, अवथही, दहिनवर, लोचईन, सेमरा सहित अन्य गांव के किसान इस योजना से वंचित रह जाएंगे। कारण कृषि विभाग के सर्वे में जिस फसल की खेती अधिकतम माना गया है बैंक द्वारा उसी फसल का बीमा किया जाता है। सब्जी की खेती को इस सर्वे से बाहर रखा गया है। खरीफ में धान की फसल और रबी में गेहूं की फसल को ही बीमा की श्रेणी में रखा गया है।

समय के साथ इस क्षेत्र के अधिकांश गांवों में धान और गेहूं का रकबा काफी घट गया है। हरा मिर्च, टमाटर और मटर की खेती का रकबा बढ़ा है। कहा जाए तो इस इलाके के किसानों की अब यही मुख्य खेती हो चुकी है। व्यापक पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। बाढ़ के कारण शेरपुर, रानीपुर, कुंडेसर समेत कई गांव की फसल नष्ट हो गई है और बची उसकी जद में आना शुरू हो गई है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो गया है। फसल बीमा के बावजूद किसानों को इस खेती के नुकसान का लाभ नहीं मिल पाएगा। किसानों का कहना है कि अगर नए सिरे से सर्वे के दौरान इन फसलों को बीमा की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया तो हर वर्ष इस क्षेत्र के किसानों को बीमा होने के बावजूद नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों को फसल की बर्बादी के बाद सरकार के बनाए नियम के मुताबिक किसान क्रेडिट से एक निश्चित रकम काटकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा किया जाता है ताकि किसानों को उसकी क्षतिपूíत मिल सके।

Posted By: Jagran

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