जागरण संवाददाता, गहमर (गाजीपुर) : दीपावली पर धनलक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों के चाक ने गति पकड़ ली है। इस बार मिट्टी के बर्तनों की बिक्री अच्छी होने की उम्मीद है। चार नवंबर को रोशनी का त्योहार दीपावली है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गयी है। कुम्हार लोगों के घरों को रोशन करने के लिए मिट्टी के दीये को अंतिम रूप देने में लगे हैं। क्षेत्र के करहिया गांव निवासी कुम्हार शिवशंकर प्रजापति दीया बनाने में जुटे दिखे। उन्होंने बताया कि मिट्टी के दीये के अलावे मिट्टी के ढकना व मिट्टी के घोड़े आदि भी बना रहे हैं। बताया कि पिछले करीब 60 सालों से हम मूर्ति व दीया आदि बनाते आ रहे हैं। ये हमारा खानदानी पेशा है। पहले हमारे पिता, दादा और परदादा दीया बनाने का काम करते थे और अब हम कर रहे हैं। कहा कि दिवाली में मिट्टी के दीये की मांग खूब होती है। इसलिए बीते कई दिनों से दीया बना रहे हैं।

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