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आजमगढ़ के सर्जन ने किया था आपरेशन, फाड़ दिया था पेट और आंत, मौत के बाद मेडिकल बोर्ड कर रहा जांच

By Shivanand Rai Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 10 Sep 2026 05:55 PM (GMT+05:30)

गाजीपुर के धनरावती अस्पताल में पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन के बाद राकेश यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ...और पढ़ें

गाजीपुर में पित्ताशय ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, पेट और आंत में क्षति का खुलासा, मेडिकल बोर्ड जांच में जुटा।

गाजीपुर में पित्ताशय ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, पेट और आंत में क्षति का खुलासा, मेडिकल बोर्ड जांच में जुटा।

HighLights

  1. पित्ताशय के ऑपरेशन के बाद राकेश यादव की मौत।

  2. पोस्टमार्टम में पेट में छेद और अत्यधिक रक्तस्राव मिला।

  3. मेडिकल बोर्ड मामले की विस्तृत जांच में जुटा।

जागरण संवाददाता, गाजीपुर। भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के रामवन स्थित धनरावती अस्पताल में पित्ताशय की पथरी के आपरेशन के बाद राकेश यादव की मौत का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद हैरान करने वाला है। प्रभारी सीएमओ डा. रामकुमार ने इसे गंभीर मामला मानते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया है। अब मेडिकल बोर्ड पूरे घटना की विस्तृत जांच में जुट गई है।

जिस मरीज का धनरावती अस्पताल में पित्ताशय का आपरेशन किया गया था हालत बिगड़ने पर उसे आजमगढ़ के रमा हास्पिटल ले जाया गया, जहां पेट में करीब 25 सेंटीमीटर का चीरा लगाकर दोबारा सर्जरी करनी पड़ी। इसके बावजूद दो सितंबर की सुबह मरीज की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में पेट के अंदर करीब एक लीटर खून मिला हुआ तरल पदार्थ तथा बड़ी आंत के करीब सात सेंटीमीटर हिस्से पर कई टांके पाए गए।

मेडिकल बोर्ड ने आंत में छेद से हुए संक्रमण (परफोरेशन पेरिटोनिटिस) और अत्यधिक रक्तस्राव से लगे आघात को मौत का कारण बताया है। जांच में यह भी सामने आया है कि धनरावती अस्पताल में आपरेशन अस्पताल संचालक डा. नंदलाल यादव ने नहीं बल्कि आजमगढ़ के रमा हास्पिटल से बुलाए गए सर्जन डा. अमित सिंह ने किया था। डा. नंदलाल एनेस्थीसिया के चिकित्सक हैं। अब मेडिकल बोर्ड की जांच में आपरेशन के दौरान हुई अंदरूनी क्षति और उपचार की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।

आपरेशन के अगले दिन से था पेट में दर्द

स्वजन के अनुसार 30 अगस्त की शाम राकेश का धनरावती अस्पताल में पित्ताशय की पथरी का आपरेशन हुआ था। अगले दिन से ही वह पेट में दर्द की शिकायत कर रहा था। एक सितंबर को उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई। रक्तचाप और नाड़ी की गति कम होने के साथ सांस लेने में परेशानी होने पर डाक्टर ने उसे आजमगढ़ के रमा हास्पिटल में बुला लिया। वहां दोबारा सर्जरी की गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

पोस्टमार्टम में मिला 25 सेंटीमीटर लंबा चीरा व 21 टांके

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पेट पर करीब 25 सेंटीमीटर लंबा चीरा और उसे बंद करने के लिए 21 टांके लगाए गये थे। पेट के अंदर करीब एक लीटर खून मिला हुआ तरल पाया गया। बड़ी आंत के लगभग सात सेंटीमीटर हिस्से पर कई टांके लगे मिले। लिवर की सतह पर पित्त रस फैला होने और पीछे धातु की दो क्लिप लगे होने का भी उल्लेख किया गया है।

मेडिकल बोर्ड के अनुसार आंत में छेद से संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण लगे आघात से मृत्यु हुई। राकेश के भाई राजेश यादव की तहरीर पर अस्पताल संचालक डा. नंदलाल यादव समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। वहीं अस्पताल संचालक की ओर से भी तीन नामजद समेत 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़, मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

बोले अध‍िकारी

पहले जानकारी थी कि आपरेशन डा. नंदलाल ने किया था। जांच में पता चला कि वह एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं और आपरेशन आजमगढ़ के रमा हास्पिटल के सर्जन डा. अमित सिंह ने किया था। मुकदमा पंजीकृत है। सीएमओ कार्यालय से जांच चल रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- धर्मेंद्र पांडेय, प्रभारी निरीक्षक, थाना भुड़कुड़ा

घटना के समय अस्पताल के पंजीकरण की जांच का निर्देश मिला था जिसकी रिपोर्ट भेज दी गई थी। अब मेडिकल बोर्ड गठित हुआ है, जिसमें मैं भी सदस्य हूं। - डा. अवधेश अधीक्षक सीएचसी जखनियां

मामला गंभीर होने के कारण मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। सर्जन डा. अमित सिंह दिल्ली गए हैं। उनके लौटने पर स्पष्टीकरण लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। - डा. रामकुमार प्रभारी सीएमओ