जागरण संवाददाता, गाजीपुर : पति की दीर्घायु के लिए मनाए जाने वाला हरतालिका तीज का पावन पर्व पूरे जनपद में बड़े ही हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर बाजार में रौनक देखते ही बन रही थी। महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा और शिव-पार्वती की पूजा की। इस दौरान बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। इस त्योहार को लेकर महिलाएं खासा उत्साहित दिखीं। इस दौरान नगर के ददरीघाट सहित अन्य घाटों पर मौजूद धर्माचार्यो ने सुहागिन व्रती महिलाओं को कथा सुनाया।

गंगा तट पर सूर्यास्त होते ही महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी। गंगा में स्नान करने के पश्चात भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन-अर्चन किया। साथ ही घर परिवार की सुख शांति समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस पर्व पर क्षेत्र के विभिन्न बाजारों व कस्बों में काफी चहल-पहल देखी गई और देर रात तक लोग खरीदारी करते रहे। इस अवसर पर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों व बाजारों में काफी रौनक रही। बाजारों में सुहाग सामग्री खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ लगी रही। भगवान शिव व देवी पार्वती को प्रसन्न करने के लिए महिलाओं ने मंदिरों में पंचामृत से शिव¨लग को स्नान करवाया। उनका मानना है कि सबसे पहले देवी पार्वती ने इस व्रत को रखा था। इस दौरान ने महिलाओं ने प्रसाद का भोग लगाया और देवी पार्वती को सुहाग सामग्री भी समर्पित की। मान्यता के अनुसार हरतालिका व्रत के पर्व पर सूर्योदय से पहले उठकर नहा-धोकर पूरा श्रृंगार किया जाता है। पूजन के लिए केले के पत्तों से मंडप बनाकर गौरी-शंकर की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके बाद देवी पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित की जाती है। रात के समय भजन-कीर्तन करते हुए जागरण कर तीन बार आरती की जाती है। इसके बाद शिव पार्वती विवाह की कथा सुनी जाती है।

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