रामलीलाओं में बदल गया मेकअप का तौर तरीका, मंच के पीछे इस तरह होती हैं तैयारियां
रामलीलाओं में पात्रों के मेकअप का तरीका पारंपरिक हर्बल विधियों से बदलकर अब आधुनिक कॉस्मेटिक्स और सिंथेटिक रंगों पर आधारित ...और पढ़ें

रामलीला मेकअप में आया बड़ा बदलाव: पारंपरिक से आधुनिक तकनीकों का सफर।
HighLights
पारंपरिक हर्बल मेकअप की जगह अब आधुनिक कॉस्मेटिक्स का उपयोग।
पात्रों के लिए HD, वॉटरप्रूफ और एयरब्रश मेकअप का इस्तेमाल।
मंच की भव्यता और रोशनी के कारण मेकअप में आया बदलाव।
जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर)। पारंपरिक रामलीला में मेकअप का स्तर अब पूरी तरह से बदल चुका है। पहले जहां रामलीला में पात्रों का श्रृंगार हर्बल तरीके से पलाश के फूल, हरी पत्तियों, हल्दी, नील पावडर व खड़िया कलर, काजल से किया जाता था।
वहीं अब फैब्रिक कलर, सिंथेटिक रंग और कॉस्मेटिक उत्पादों से मेकअप किया जा रहा है। पौराणिक कथानक रामलीला में मुख्य चरित्र राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, रावण, कुम्भकर्ण, मेघनाद आदि पात्रों को विशेष तौर पर सजाया संवारा जाता है।
एक तरफ प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और मां सीता को उनकी भूमिका के मुताबिक सुंदर और मनमोहक रूप दिया जाता है तो वहीं रावण, ताड़का और सुपनखा को क्रूर रूप देते हुए तैयार किया जाता है। मेकअप आर्टिस्ट के अनुसार खल चरित्र और देवताओं में सबसे मुख्य फर्क तिलक का होता है।

खल चरित्र के तिलक लाल, काले और भयानक बनाये जाते है जबकि देवगणों के पीला सफेद गुलाबी रंग से वैष्णव व शैव शैली में बनाये जाते है।खल चरित्र के आंखों की फलकों पर लाल रंग देकर मूंछ व भौहों को भयानक कर उन्हें क्रूर दर्शाया जाता है जबकि देवताओं को बिना मूंछ और भौंह के काले सुरमा से सौम्य बनाया जाता है।
मंचन के लिए इस मेकओवर की हर चीज अलग होती है और किरदार के हिसाब से डिजाइन होता है। पहले चेहरों पर सफेद या पीले रंग की मोटी परत चढ़ाई जाती थी। अब हाई डेफिनिशन और वॉटरप्रूफ मेकअप का उपयोग होता है जिससे पात्रों का लुक नेचुरल और कैमरा फ्रेंडली दिखता है।

रामलीला के मंच पर भारी लाइट्स के कारण कलाकारों को बहुत पसीना आता है। आधुनिक कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल से मेकअप घंटों तक खराब नहीं होता और फैलता नहीं है। भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के सौम्य रूप के लिए एयरब्रश तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जिससे उनके चेहरों पर एक दिव्य चमक दिखाई देती है।
डिजिटल स्क्रीन और एलईडी लाइट्स के बढ़ते चलन के कारण रामलीला का मंच अब भव्य हो चुका है। इसी भव्यता को बनाए रखने के लिए मेकअप का स्तर भी पारंपरिक से प्रोफेशनल हो गया है।
