गाजीपुर में विनीत हत्याकांड में एक लाख का इनामी सोनू गिरफ्तार, आलोक और शंकर अब भी फरार
गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड में पुलिस ने एक लाख के इनामी सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, ...और पढ़ें

गाजीपुर विनीत हत्याकांड: एक लाख का इनामी सोनू यादव गिरफ्तार, शंकर पांडेय और आलोक दुबे फरार।
HighLights
विनीत राय हत्याकांड में एक लाख का इनामी सोनू यादव गिरफ्तार।
मुख्य साजिशकर्ता शंकर पांडेय और आलोक दुबे अभी भी फरार।
पुलिस शंकर की तलाश में यूपी, बिहार, बंगाल में दबिश दे रही।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। बिंदु होटल के सामने होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की हत्या के मामले में पुलिस ने कटरा गैंग के एक लाख रुपये के इनामी आरोपित सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इससे हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है लेकिन मुख्य साजिशकर्ता और गैंग सरगना शंकर पांडेय अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल तक कई बार दबिश दे चुकी हैं। बावजूद इसके शंकर लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है। मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और लगातार ठिकाने बदलने के कारण सर्विलांस टीम भी उसकी सटीक लोकेशन तक नहीं पहुंच पा रही है। अब सोनू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को हत्याकांड की साजिश और फरारी के नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
चार नामजद में एक मुठभेड़ में ढेर, सोनू भी पकड़ा गया
29 मई की रात बिंदु होटल के गेट के सामने विनीत राय की पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, आलोक दुबे, कमलेश बिंद और सोनू यादव को नामजद किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन जून की रात एक लाख रुपये के इनामी कमलेश बिंद को मुठभेड़ में मार गिराया था। अब एक लाख के इनामी सोनू यादव की गिरफ्तारी हुई है।
इसके अलावा दो अज्ञात आरोपितों को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बावजूद शंकर पांडेय और उसका करीबी आलोक दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। वाराणसी जोन के तत्कालीन एडीजी पीयूष मोर्डिया ने शंकर पांडेय समेत नामजद आरोपितों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। सोनू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का पूरा फोकस शंकर और आलोक दुबे तक पहुंचने पर है।
मोबाइल बंद कर लगातार बदल रहा ठिकाना
पुलिस सूत्रों के अनुसार शंकर पांडेय बेहद शातिर तरीके से फरारी काट रहा है। वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा है और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। पुलिस ने यूपी के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल में भी उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस की गतिविधियों की भनक लगते ही वह ठिकाना बदल देता है।
उस पर दबाव बनाने के लिए विनियमित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण के मामले में उसके घर पर नोटिस भी चस्पा कराया गया और चल संपत्ती कुर्क भी गई थी। निर्धारित तिथियों पर जवाब देने के लिए भी वह सामने नहीं आया। जिले के चर्चित हत्याकांड में एक लाख के इनामी सोनू की गिरफ्तारी से पुलिस को अहम सफलता मिली है लेकिन मुख्य आरोपित शंकर की गिरफ्तारी अभी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
