जासं, खानपुर (गाजीपुर) : विश्व मिट्टी दिवस पर गुरुवार को खानपुर बाजार में हुई कृषक जागरुकता गोष्ठी में सहायक तकनीकी मैनेजर कृषि ज्ञानेंद्र चौबे ने कहा कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य किसानों व आम लोगों को मिट्टी की महत्ता के बारे में जागरूक करना है। बेहतर भविष्य के लिए मिट्टी का संरक्षण बेहद जरूरी है। रसायनिक खादों व कीटनाशक दवाओं के अधिक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो रही है। मिट्टी के अभाव में मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। दुनिया भर के मृदा वैज्ञानिकों ने मिट्टी के महत्व के प्रति अब चेताना शुरू कर दिया है। मिट्टी का संरक्षण हमारा कर्तव्य है। मानव जीवन के जल वायु की तरह मिट्टी का भी सेहतमंद होना आवश्यक है। मिट्टी एक प्राकृतिक जलशोधक (वाटर फिल्टर) है। भारी मात्रा में कार्बन को सोखकर व उसे संचित कर जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने की क्षमता सिर्फ मिट्टी में ही है। लालबहादुर यादव, पप्पू सिंह, राजेश बिद, रामलखन मौर्या, जितेंद सिंह, पलटू राम, कन्हैया लाल, चंचल श्रीवास्तव, राजाराम, मुन्ना राजभर, ओमप्रकाश आदि थे।

Posted By: Jagran

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