जागरण संवाददाता, गाजीपुर : विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का कहीं से भी उल्लंघन ना हो इसके लिए पुलिस की व्यापक रूप से तैयारी चल रही है। जिले के सभी नेताओं के सोशल अकाउंट पुलिस के रडार पर है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आयोग ने रैली व सभा पर रोक लगाते हुए वर्चुअल रैली की अनुमति दी है। ऐसे में सभी नेता अब इंटरनेट मीडिया के फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वाट्सएप आदि प्लेटफार्म पर सक्रिय हो गए हैं और एक दिन में 50 से अधिक पोस्ट कर रहे हैं।

सभी वर्चुअल रैली पर जोर दे रहे हैं, इसे देखते हुए पुलिस ने सभी नेताओं के सोशल अकाउंट को खंगाला शुरू कर दिया है।

प्रत्याशियों, पार्टी नेताओं व उनके समर्थकों के साथ-साथ पुलिस के रडार पर ऐसे सोशल अकाउंट्स भी हैं, जो हाल-फिलहाल की बनाए गए हैं। साइबर सैल इन अकाउंट्स पर दिन-रात नजर रख रही है। वैसे तो जिले में अंतिम चरण में मतदान होना है, लेकिन चुनावी सरगर्मी काफी तेज हो गई है। सपा ने दो, बसपा ने तीन, कांग्रेस ने दो व भाजपा ने अभी तक सिर्फ एक प्रत्याशी की घोषणा की। जिन प्रत्याशियों के नाम की घोषणा हो गई है, वह प्रचार में जान फूंकनी शुरू कर दी है। इंटरनेट मीडिया पर नेताओं की बढ़ी सक्रिया को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट है। धार्मिक, जातीय या किसी पार्टी के समर्थन और विरोध में हैशटैक करने वाले सोशल अकाउंट्स पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

एएसपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि सोशल मीडिया किसी भी आयोजन को प्रभावित कर सकता है। लोग इसका दुरुपयोग कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करें, इसके लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। साइबर सेल के अलावा पुलिस की मीडिया सेल भी फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम के साथ-साथ यू-ट्यूब पर निगरानी कर रहा है। किसी जाति, धर्म, क्षेत्रवाद, भाषावाद, किसी राजनैतिक दल के समर्थन या विरोध और किसी प्रत्याशी के समर्थन या विरोध में हैशटैग करके पोस्ट डालने वाले अकाउंट्स को चिन्हित किए जाएंगे। उनकी निगरानी की जाएगी। चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराना पुलिस की पहली प्राथमिकता में है।

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