जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर) : क्षेत्र में इन दिनों खुला एवं मिलावटी खाद्य तेलों की बिक्री जोरों पर है। मिलावट का खेल वैसे तो पूरे साल चलता है, लेकिन त्योहारों में मांग बढ़ने से मिलावट खोरी और बढ़ जाती है। दशहरा, दीपावली पर सबसे ज्यादा रिफाइंड एवं सरसों के तेल की मांग होती है। महंगाई की वजह से सरसों के तेल में मिलावट की जड़ें इलाके में मजबूती से फैली हुई है। कई बाजारों में नकली सरसों का तेल भी खूब बिक रहा है। अनौनी, उचौरी, सिधौना, खानपुर, जगदीशपुर, पोखरामोड़, नायकडीह मौधा आदि बाजारों में बड़े पैमाने पर मिलावटी सरसों का तेल धड़ल्ले से बिक रहा है। राइस ब्रान में बटर एलो मिलाकर सरसों के तेल की कीमत वसूली जा रही है। सरसों की तेल में मिलावट करने वाले अधिक मुनाफा के चक्कर में लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। नकली खुला सरसों का तेल तो बिकता ही है विभिन्न ब्रांड के नाम पर भी नकली खुला तेल बेचा जाता है। पाम आयल, राइस ब्रान, सोया आयल मिलाकर सरसों का तेल बनाते है। साठ, सत्तर रुपये लीटर मिलने वाले इन तेलों की खासियत यह होती है कि इनमें किसी तरह की खुशबू नहीं होती है और मिलावटखोर इसी का फायदा उठाते हैं। इस समय घटिया व मिलावटी खाद्य तेल धड़ल्ले से बिक रही है पर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इसके रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है जिसकी वजह से जनता में आक्रोश व्याप्त है।

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