जागरण संवाददाता, खानपुर (गाजीपुर): क्षेत्र के गौरी स्थित पर्णकुटी पर मकर संक्रांति के अवसर पर शनिवार को सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए काशी क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों से आए साधु-संतों का समागम हुआ। पर्णकुटी आश्रम के मानस भवन में करीब पांच दर्जन मठ, आश्रम और कुटियों के साधु संतों ने सनातन संस्कृति के साथ शिक्षा, संस्कार और सदभाव के लिए जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया। महंत अरुनदास महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को जागृत करने और समाज से छुआछूत मिटाने का आह्वान किया। काशी के अलग-अलग इलाकों से आए साधु-संतों का जमावड़ा लगा रहा। संतों ने भारतीय संस्कृति में खिचड़ी के महत्व को समझाते हुए सभी लोगों से समाज में एक साथ मिलजुलकर गो, गंगा, गोमती, गायत्री और गांव की सभ्य संस्कृति को बचाने का आह्वान किया। पूर्व न्यायाधीश त्रिभुवन नारायण पाठक, वेद त्रिपाठी, दीपक दुबे, राजन त्रिपाठी, गिरिजाशंकर सिंह, मतींद्र पांडेय, पवन चौबे, रमन त्रिपाठी, सोनू सिंह ने सभी संत-महात्माओं का चरण पूजन कर सम्मान किया।

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