जासं, गाजीपुर : नगर स्थित नुरुद्दीनपुरा के इमामबाड़ा वक्फ उम्मे लैला बीबी से रविवार को चेहल्लूम का जुलूस पूरी अकीदत से निकाला गया। इस मौके पर विभिन्न धर्मगुरुओं ने तकरीर कर कर्बला के शहीदों की मुसीबतें बयान की। जुलूस अपने पुराने कदीम रास्तों से होता हुआ विशेश्वरगंज स्थित छोटा इमामबाड़ा में जाकर अगले वर्ष तक के लिए बढ़ा दिया गया। इसमें नगर की तमा अंजुमनों ने हिस्सा लेकर नौहा व मातम किया। वहीं चेहल्लूम व अन्य पर्व को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से डीएम ओमप्रकाश आर्य एवं एसपी डा.अरविद चतुर्वेदी ने नगर में चक्रमण किया।

सुबह छह बजे मौलाना सैय्यद इब्ने हसन की तकरीर के साथ अलम, ताबूत, जुलजनाह व अमारियां बरामद कराई गई। इसके बाद जुलूस नौहा व मातम करते हुए आगे बढ़ा जो सब्जी मंडी, एमएएच स्कूल, रजदेपुर, टंड़वा, रौजा होते हुए मिश्र बाजार स्थित रौजा फातमान पहुंचा। इसमें मौलाना जाबिर अली ने लुटे हुए काफिले की मुसीबतों का बयान किया जिसे सुनकर लोगों की आंखें भर आईं। इसके बाद जुलूस विशेश्वरगंज स्थित बड़ा इमामबाड़ा में प्रवेश कर गया। शाम पांच बजे जुलूस श्रद्धालुओं के जनसैलाब की शक्ल में छोटा इमामबाड़ा में दाखिल हुआ, जहां अंजुमन गुलजारे मोहम्मदी के बच्चों और नौजवानों ने जंजीर का मातम कर हुसैन की शहादत को याद किया। अंत में शिया धर्मगुरु जाबिर अली ने अंतिम तकरीर की इस दौरान सभी की आंखें भर आईं।

Posted By: Jagran

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