जासं, गाजीपुर : पीएफ घोटाले एवं निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का धरना बड़ी बाग स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में गुरुवार को भी जारी रहा। साथ ही समिति ने मांग उठाई कि पावर सेक्टर ट्रस्ट में जमा धनराशि के भुगतान की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ले और घोटाले के दोषी पावर कारपोरेशन व ट्रस्ट के अध्यक्ष को उनके पद से तत्काल हटाकर गिरफ्तार किया जाय जिससे घोटाले की निष्पक्ष जांच हो सके।

समिति के संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट के घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है और ऊर्जा मंत्रालय ट्रस्ट के भुगतान की जिम्मेदारी उप्र पावर कारपोरेशन पर डालकर पल्ला झाड़ने पर लगा है। संघर्ष समिति ने कहा कि यह कहना अत्यंत हास्यासपद है कि ट्रस्ट की धनराशि के भुगतान को पावर कारपोरेशन सुनिश्चित करेगी। पावर कारपोरेशन खुद 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में है तो उसके मत्थे ट्रस्ट का भुगतान डाल देना केवल गुमराह करने वाला होगा। धरने में बिजली कर्मचारी व अभियंता के प्रदर्शन में शामिल होने से बिजली दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। सभा में मुख्य रूप से एसएन शुक्ल, चंद्रपाल सिंह, मनीष कुमार, महेन्द्र मिश्रा, शिवम राय, अभिषेक राय, वीके राव, सुरेश सिंह, संजय यादव, प्रवीन सिंह, अजय विश्वकर्मा, जयप्रकाश, संतोष कश्यप, शशिकान्त मौर्या, राकेश अनुरागी, मुनेन्द्र गौरव आदि थे।

Posted By: Jagran

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