जागरण संवाददाता, बारा (गाजीपुर) : स्थानीय पुलिस की लापरवाही से बेखौफ फर्राटा भर रहे डग्गामार वाहन लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। यात्रियों को भूसे की तरह भरकर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिम्मेदार जहमत नहीं उठा रहे हैं। मनमाना किराया वसूलते हैं। अब तक कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।

बारा बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन, गहमर, भदौरा, दिलदारनगर, बिहार प्रांत के चौसा, गोला, बक्सर जाने के लिए दर्जनों खटारा आटो व जीप बिना परमिट के फर्राटा भर रहे हैं। पुलिस की निष्क्रियता से डग्गामार वाहनों की भरमार है। इन वाहनों में न तो संकेतक लगे हैं और न ठीक से हेडलाइट ही जलती है। कई वाहनों के कागजात भी दुरुस्त नहीं हैं। रोडवेज व प्राइवेट बसों का संचालन बंद होने से इन वाहनों से सफर करना मजबूरी है। वाहन संचालक भदौरा बाजार का 30 रुपये तक किराया वसूलते हैं जबकि दूरी मात्र 15 किमी है। वहीं बारा रेलवे स्टेशन व चौसा बाजार की दो किमी की दूरी का 10 रुपये वसूला जाता है। डग्गामार वाहन थाना व चौकियों के सामने से गुजरते हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। कुछ दिनों पहले क्षमता से अधिक सवारी भरकर कामाख्या मंदिर जा रहा आटो पलट जिसमें नौ लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। वहीं बारा रेलवे स्टेशन मार्ग पर जीप पलटने से दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं।

अभियान चलाकर होगी कार्रवाई जांच

: अभियान चलाकर डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अभियान चलाकर पुन: कार्रवाई की जाएगी। - राजीव कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गहमर।

Posted By: Jagran

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