गाजीपुर में ढाई साल में ही सवा चार सौ करोड़ के रेल सह सड़क पुल के पिलर में दिख रही दरार
गाजीपुर में गंगा नदी पर बने 420 करोड़ रुपये के रेल सह सड़क पुल के पिलर में दरारें दिखी हैं। ...और पढ़ें

गाजीपुर के 420 करोड़ के रेल सह सड़क पुल के पिलर में दरारें, गुणवत्ता पर उठे सवाल।
HighLights
गाजीपुर में 420 करोड़ के पुल के पिलर में दरारें दिखीं।
पुल की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गईं।
अधिकारी ने दरारों को मामूली बताया, तकनीकी जांच की मांग।
जागरण संवाददाता, रेवतीपुर (गाजीपुर)। गंगा नदी पर करीब 420 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रेल सह सड़क पुल की पीलर में दरार दिखाई देने से इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुल के पिलर के आसपास बने कंक्रीट हिस्से में लंबी दरार जैसी स्थिति नजर आ रही है।
पुल के पिलर के दोनों ओर बने कंक्रीट हिस्से में दरार जैसी स्थिति तस्वीर में स्पष्ट दिखाई दे रही है। गंगा के बीच बने पुल में पिलर और उसके आसपास का ढांचा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। नदी के तेज बहाव, जलस्तर में उतार-चढ़ाव और लगातार पानी के दबाव के बीच इन हिस्सों की स्थिति पर विशेष निगरानी की जरूरत होती है।
हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि दिखाई दे रही दरार संरचनात्मक रूप से खतरनाक है अथवा केवल सतही स्तर की। इसकी वास्तविक स्थिति का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। ऐसे में संबंधित विभाग की ओर से मौके का निरीक्षण कर दरार की गहराई, लंबाई और उसके कारणों की जांच कराया जाना जरूरी है।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इतने महत्वपूर्ण पुल की नियमित जांच और निगरानी होनी चाहिए। पिलरों के साथ ही गंगा में डूबे पुल के हिस्सों का भी तकनीकी निरीक्षण कराया जाना आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे, आरवीएनएल अथवा संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर संरचना की जांच करे और यह स्पष्ट करे कि दरार का पुल की मजबूती पर कोई असर है या नहीं जांच होनी चाहिए।
उधर, सीपीएम रंजीत कुमार ने बताया कि इसकी वजह से पुल को कोई दिक्कत नहीं है ।पीलर के ऊपर बालू व कंकरीट डाला जाता है वहीं पानी ज्यादा होने से बालू निकल गया है । बारिश बाद फिर हर दिया जाएगा ।वैसे साइट इंजीनियर को भेजकर देख लिया जा रहा है ।
