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'वर्दी वाली ब‍िट‍िया' की अर्थी को मां और बहनों ने कंधा देकर किया विदा, ज‍िस माटी में खेली थी उसी माटी में खाक हुई

By Shivanand Rai Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 10 Sep 2026 12:57 PM (IST)

कौशांबी में तैनात महिला कांस्टेबल प्रियंका यादव की गोली लगने से मौत के बाद शव उनके पैतृक गांव गाजीपुर पहुंचा। ...और पढ़ें

HighLights

  1. महिला कांस्टेबल प्रियंका यादव की गोली लगने से हुई मौत।

  2. गाजीपुर के पैतृक गांव में मां-बहनों ने दी अर्थी को कंधा।

  3. सेवानिवृत्त फौजी पिता ने नम आंखों से दी मुखाग्नि।

जागरण संवाददाता, दुल्लहपुर (गाजीपुर)। कौशांबी के मंझनपुर महिला थाने में तैनात महिला कांस्टेबल प्रियंका यादव की गोली लगने से मौत के बाद शव बुधवार को पैतृक गांव सिखड़ी (खिलवा) पहुंचा तो हर आंख नम हो गईं। बेटी की मौत से पहले ही गम में डूबे स्वजन शव देखते ही फफक पड़े। शवयात्रा को जब मां और बहनों ने कांधे पर संभाला तो मानो एक युग का बदलाव गांव की पगडंंडी से होकर श्‍मशान की ओर बढ़ चला था।  

गांव की वर्दी वाली बेटी की गोली लगने से मौत के बाद तो हर आंख नम थी। ज‍िस माटी में उसने बचपन गुजारा और माटी में खेलकर स‍िपाही की वर्दी पहनी उसी माटी में म‍िलना उसका नसीब तो नहीं था लेक‍ि‍न अनहोनी को कौन टाल सकता है। गांव में शव पहुंचने के बाद मातम का दौर जो शुरू हुआ वह दोपहर बाद तक जारी रहा। नम आंखों और चीत्‍कारों से गांव का कोना कोना सहम उठा तो ब‍िटिया की व‍िदायी का मातम ऐसा क‍ि गांव मोहल्‍लों में चूल्‍हों से आंच तक ना सुलगी।  

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बेटी के सिपाही बनने के बाद परिवार के सदस्य उसकी डोली उठाने की तैयारी में थे, लेकिन डोली की बजाय उसकी अर्थी उठानी पड़ी। पुलिस वाहन के साथ कौशांबी और स्थानीय थाने की पुलिस टीम भी गांव पहुंची। फूलों से सजे वाहन से प्रियंका का पार्थिव शरीर घर लाया गया। मां व‍िदा करना चाहती थी मेंहदी वाले हाथों संग लेक‍िन व‍िदा करना पड़ा खून से सने शरीर को। अंत‍िम व‍िदाई तय हुई तो मां ने भी कंधा द‍िया और बहनों के भी कंधे रो-रोकर मानो मजबूत हो गए थे।  

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अंतिम यात्रा शुरू होने पर मां उर्मिला देवी और बहन ने भी प्रियंका की अर्थी को कंधा देने का फैसला क‍िया तो यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पिता सेवानिवृत्त फौजी रविंद्र नाथ यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य बिलखते रहे। गाजीपुर श्मशान घाट पर दोपहर में अंतिम संस्कार हुआ तो च‍िता आग बुझने तक पर‍िजनों की आंखें न‍िर्झर‍िणी हो गईं। पिता रविंद्र नाथ यादव ने बेटी को मुखाग्नि दी तो आंखों से आंसू थमे ही नहीं। बताते चलें क‍ि मंगलवार को कौशांबी के मंझनपुर महिला थाने में ड्यूटी के दौरान राइफल से गोली चलने से प्रियंका की मौत हो गई थी। इसके बाद मामले की जांच का दौर जारी है।