जासं, गाजीपुर : रेल व संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा पुन: गाजीपुर से भाजपा के प्रत्याशी घोषित किए गए। भाजपा ने यहां से उनको आठवीं बार उम्मीदवार बनाया है। उम्मीद के अनुरूप ही उनके यहां से चुनाव लड़ने की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।

छात्र जीवन से ही राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले मनोज सिन्हा के सक्रिय राजनीतिक कैरियर की शुरुआत 1982 में तब हुई जब वह मात्र 23 वर्ष की आयु में आइआइटी-बीएचयू के छात्रसंघ का चुनाव जीतकर अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1996 में वे पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। इसके बाद पुन: 1999 में उन्होंने गाजीपुर की सीट से चुनाव जीता। 1989 से 1996 के बीच वे तात्कालिक सत्ताधारी पार्टी भाजपा के नेशनल कौंसिल के सदस्य भी बने। अपने गृह जनपद गाजीपुर से वह वर्ष 1996, 1999 और 2014 में लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। आइआइटी बीएचयू से बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल करने वाले मनोज सिन्हा को वर्ष 2014 में सांसद निर्वाचित होने के पश्चात उन्हें रेल राज्यमंत्री नियुक्त किया गया। इनके कार्य को देखते हुए प्रधानमंत्री ने जुलाई 2016 में संचार मंत्रालय जैसे बड़े विभाग की जिम्मेदारी दी गई। जिसका उन्होंने पूरे मनोयोग से निर्वहन भी किया। टिकट फाइनल होते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया।

Posted By: Jagran