जासं, गाजीपुर : यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शुरू हुई दो दिवसीय हड़ताल के चलते दूसरे दिन शनिवार को करीब सवा सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। इसमें बैंकिग उद्योग जगत के नौ यूनियन एआईईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, एनओबीडब्ल्यू एवं एनओबीओ शामिल हैं। चेताया कि अगर केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया तो बैंक संगठन 11, 12 एवं 13 मार्च को तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेगा। इसके बाद भी अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे पहली अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इस दौरान आठ सौ एटीएम पर ताले लटके रहे।

यूएफबीयू के जिला इकाई के संयोजक जितेंद्र शर्मा ने सरकार के कर्मचारी विरोधी एवं उपेक्षात्मक रवैये का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने एक नवंबर 2017 से लंबित 11वां वेतनमान समझौता 20 प्रतिशत वेतनपर्ची पर बढ़ोत्तरी के साथ लागू करने, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय करने, पांच दिवसीय बैंकिग को भी अवश्य लागू करने आदि प्रमुख मांगों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। सत्यम कुमार ने सरकार के कर्मचारी विरोधी नकारात्मक रवैये का भरपूर विरोध किया। ओमप्रकाश सिंह ने सरकार के बैंकों को आपस में विलय और निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने बैंकों में अवकाश बैंकिग की शुरुआत करने, अधिकारियों के लिए निश्चित काम के घंटे को तय करने, भोजन अवकाश आदि का समय एक समान निर्धारित करने की मांग की। सभा में मंजीत मौर्य, विनोद शर्मा, सरयू चौधरी, शिवम शुक्ला, इस्तफा हुसैन, दीपक सिंह, मोहम्मद तसौव्वर, शांति देवी, संतोष कुमार राय, कमलेश सिंह आदि ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता संतोष राय ने की।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस