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जागरण संवाददाता, मुहम्मदाबाद (गाजीपुर) : गंगा की कटान से करीब आठ वर्ष पूर्व अपना सब कुछ गवां चुके शिवराय का पुरा व सेमरा गांव के पीड़ित परिवारों को अब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हुई। इसके चलते उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके लिए कई बार आवाज उठाई गई। अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

वर्ष 2012 व 2013 में गंगा की विभिषिका के चलते शिवरायकापुरा गांव की अधिकांश आबादी का आशियाना कटान से गंगा की धारा में विलीन हो गया। कई पीड़ित परिवारों के लोग प्राथमिक विद्यालय के अगल बगल खाली पड़े सार्वजनिक भूमि में झुग्गी-झोपड़ी डालकर जीवनयापन करना शुरू कर दिए। उक्त जमीन का सतह सड़क से से काफी नीचे की ओर है। इससे बरसात में बारिश का पानी बस्ती में झोपड़ियों में घुस जाता है। जिससे उसमें रखा सामान खराब हो जाता है। उनके सोने व बैठने की समस्या पैदा हो जाती है। इसको लेकर बस्ती के लक्ष्मण चौधरी, बलिराम चौधरी, रमाशंकर, नारद, चंद्रिका आदि ने बताया कि करीब आठ वर्ष से वे इसी तरह नारकीय जीवन यापन कर रहे हैं। आज तक शासन की ओर से पुनर्वास की व्यवस्था नहीं करायी जा सकी। जब इस जमीन में मिट्टी भरने का कार्य शुरू करते हैं तो गांव के एक काश्तकार अपना निजी बताकर भरने नहीं देते हैं। सीमांकन का कार्य अब तक नहीं कराया गया। उन्होंने उच्चाधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट करते हुए कार्रवाई की मांग की।

Posted By: Jagran

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