जागरण संवाददाता, रेवतीपुर (गाजीपुर):

दोपहर तक रेवतीपुर सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) कार्यालय न खुलने की 'दैनिक जागरण' में प्रकाशित खबर का डीपीओ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारी पर शीघ्र कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश सीडीपीओ रेवतीपुर को दिया है। खबर का ही असर रहा कि सीडीपीओ कार्यालय शुक्रवार को समय से खुला।

रेवतीपुर स्थित सीडीपीओ कार्यालय आए दिन बंद रहता है या देर से खुलता है। लापरवाह कर्मचारियों को इसकी कोई परवाह नहीं है। 21 जनवरी को दोपहर डेढ़ बजे कार्यालय खोला गया। इस खबर को 'दैनिक जागरण' ने अपने 21 दिसंबर के अंक में पेज नंबर पांच पर 'सीडीपीओ कार्यालय पर दोपहर तक लटकते रहे ताले' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। डीपीओ (जिला कार्यक्रम अधिकारी) ने इसका संज्ञान लिया। उधर, शुक्रवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय खुला मिला। मौके पर दो सहायिका जीरा देवी व धर्मशिला बाहर बैठी हुई थीं। उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर अर्चना सिंह आई थीं। फिलहाल क्षेत्र में निकली हुई हैं। लिपिक संजय सिंह के कमरे का ताला बंद था। सीडीपीओ अखिलेश चौहान चुनावी बैठक के सिलसिले में जिला मुख्यालय गए हुए थे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कमी से परेशानी हो रही है। एक चपरासी भी कार्यालय में नहीं है। मेरी ड्यूटी चुनाव में लग जा रही है। एक लिपिक है जो भदौरा व रेवतीपुर दोनों देखते हैं और दो मुख्य सेविका तैनात हैं।

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सीडीपीओ रेवतीपुर की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। इससे वह कार्यालय नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने कार्यालय खोलने के लिए एक कर्मचारी को जिम्मेदारी दे रखी है। इसके बाद भी कार्यालय बंद रहने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश सीडीपीओ को दिया गया है।

- डीके पांडेय, डीपीओ

Edited By: Jagran