यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेयरी व्यवसाय के लिए किसानों को किया प्रेरित
ॉलाभकारी दुग्ध व्यवसाय एवं पशु प्रबंधन की ओर से क्षमता।

जागरण संवाददाता, रेवतीपुर (गाजीपुर): लाभकारी दुग्ध व्यवसाय एवं पशु प्रबंधन की ओर से क्षमता विकास परियोजना के अंतर्गत रेवतीपुर ब्लाक के पटकनिया में दो दिवसीय प्रशिक्षण के अंतिम दिन शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र आंकुसपुर के वरिष्ठ विज्ञानी एवं अध्यक्ष डा. आरसी वर्मा ने किसानों को डेयरी व्यवसाय करने का आह्वान किया। साथ ही इससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी।
केंद्र के पशुपालन विज्ञानी डा. अमरेश कुमार सिंह ने कहा कि पनीर, खोवा, घी, दही, रबड़ी आदि बनाकर दूध को खराब होने से बचा सकते हैं। बाजार में बेचकर अच्छा लाभ भी कमा सकते हैं। डेयरी व्यवसाय में सबसे ज्यादा लागत उसके चारे एवं दाने पर ही आती है। यदि पशुपालक इस लागत को कम कर लें तो दूध उत्पादन कर अच्छा पैसा बचा जा सकते हैं। हरा चारा का प्रयोग करना चाहिए। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. जेपी सिंह ने हरे चारे को अधिक से अधिक उगाने पर जोर दिया। अंत में प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। पटकनिया के नारायण मिश्रा, सुलेमान राम, महेंद्र चंद्र पांडेय, महेश्वर सिंह, कन्हैया गुप्ता, विध्याचल यादव आदि थे।
